योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन एक बार फिर विवादों में घिरे

योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन एक बार फिर विवादों में घिरे

# अब छोटे भाई की बहू ने पूरे परिवार पर लगाया दहेज उत्पीड़न का आरोप

# प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के साथ ही पुलिस को भी दी तहरीर

# मंत्री ने कहा आरोप बेबुनियाद, मामला न्यायालय में

लखनऊ।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
               योगी सरकार में वरिष्ठ मंत्री एवं पूर्व राज्यपाल स्व. लालजी टंडन के पुत्र आशुतोष टंडन “गोपाल जी” एक बार फिर विवाद में घिरे हैं। इस बार उनके भतीजे की पत्नी ने मंत्री जी व परिवार के अन्य सदस्यों पर दहेज के लिए उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। इससे पूर्व लखनऊ से भाजपा के ही एक पार्षद भी उन पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं। मंत्री जी के भतीजे अमित टंडन की बहू दिशा ने परिवार पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
दिशा ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को पत्र भेजने के साथ ही कल शाम हजरतगंज स्थित महिला थाने में जाकर तहरीर भी दी। तहरीर में ससुर, अमित टंडन के बड़े भाई प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन समेत पूरे परिवार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। महिला थाने की इंस्पेक्टर दुर्गावती के मुताबिक दिशा वर्ष 2020 से पति आयुष से अलग रह रही हैं और दोनों के बीच तलाक का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की जांच कराई जाएगी। 

 

चौक के सोंधी टोला निवासी अमित टंडन के बेटे आयुष की पत्नी दिशा का शिकायती पत्र एवं उनका आरोपों वाला वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। उनका आरोप है कि शादी के कुछ महीने बाद ही उन्हे घर से निकाल दिया गया। धमकी दी गई कि 50 लाख रुपये व फॉर्च्यूनर गाड़ी नहीं दी तो ससुराल में रह नहीं पाओगी। दिशा का कहना है कि उन्होने चौक कोतवाली में तहरीर देने के साथ ही राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी से भी शिकायत की, मगर उन्हें सांत्वना देकर लौटा दिया गया।
पीड़ित दिशा टंडन का आरोप है कि आशुतोष टंडन के मंत्री पद पर होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं, कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन ने आरोपों को झूठा व बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि दिशा मेरे भतीजे आयुष की पत्नी है, दोनों का केस 15 महीनों से पारिवारिक न्यायालय में चल रहा है। पूरा मामला मेरे भाई के परिवार व भतीजे से जुड़ा हुआ है। चुनाव से ठीक पहले मुझे टारगेट करके मुद्दे को उछाला जा रहा है, जबकि पारिवारिक न्यायालय से फैसला आना अभी बांकी है। दहेज उत्पीड़न का आरोप‌ बेबुनियाद है।

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