रक्षाबंधन के त्योहार पर कवियित्री डॉ रश्मि शुक्ला की नवीन कृति

रक्षाबंधन के त्योहार पर कवियित्री डॉ रश्मि शुक्ला की नवीन कृति… 

रक्षाबंधन का त्योहार… 

मंगल करने आया सब का, रक्षाबंधन का त्योहार.. पुलकित हो रहे सभी जन, भर अंतस में प्यार..
विश्वास का सूत्र बाँधकर, बहन भावना भरती..
सुरक्षित हो मेरा जीवन, यही बहना प्रार्थना करती..
हम जैसे भी है भैया ! तुमने, हमें सदा दुलराया है..
सुख-दुःख सब जीवन के भूले, इतना प्यार लुटाया है..
स्नेह के इस महत्वपूर्ण पर्व पर, हरियाली विकसाएँ..
नष्ट हुई जो प्राकृत सुषमा, उसको पुनः बढ़ाएं..

धरती माँ के बन संतान हम, कर दें यह उपकार..
मंगल करने आया सबका, रक्षाबंधन का त्योहार..
भैया साथ बिताये थे जो पल, उसका एहसास हृदय में..
पुलकन यादों की हर क्षण में, अनुभूति अनेकों मन में..
सब कुछ बसता भावों में, अनुभव रहता हर क्षण है..
रूठना, मनाना, इतराना, कर याद स्वयं पर गर्वित हैं..
श्रावण के इस महापर्व पर, आओ करें विचार..
मंगल करने आया सबका रक्षाबंधन का त्योहार..

आपका संकल्प है भैया, हम सब स्वर्ग धरती पर उतारें..
पद-दलित पीड़ित जनों को, प्यार ममता से दुलारे..
ज्ञान की लेकर मशालें, ज्योति हम जग में जलाएँ..
श्रेष्ठ चिंतन, आचरण से, भारत की गरिमा बढ़ाएं..
बहन के इस विनय भाव को, करना मत इनकार..
मंगल करने आया सबका, रक्षाबंधन का त्योहार..
डॉक्टर रश्मि शुक्ला (समाज सेविका)
अध्यक्ष सामाजिक सेवा एवम् शोध संस्थान
प्रयागराज यूपी
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