राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के चलते ट्रैफिक जाम में फंसकर महिला उद्यमी की हुई मौत

राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के चलते ट्रैफिक जाम में फंसकर महिला उद्यमी की हुई मौत

# बीमार आईआईए अध्यक्षा को ले जाया जा रहा था अस्पताल, पुलिस कमिश्नर ने परिवार से मांगी माफी

# राष्ट्रपति व उनकी पत्नी ने व्यक्त की संवेदना, 3 ट्रैफिक पुलिसकर्मी व एक दरोगा सस्पेंड

लखनऊ/कानपुर।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
              राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के चलते ट्रैफिक जाम में फंसने से महिला उद्यमी आईआईए की अध्यक्षा वंदना मिश्रा की मौत होने की दुखद खबर है। कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने इसके लिए व्यक्तिगत रूप से माफी मांगी है। राष्ट्रपति के कानपुर आगमन पर कल वीवीआईपी ड्युटी में जा रही सीआरपीएफ की बस से कुचलकर एक बच्ची की मृत्यु हो गई थी। वंदना मिश्रा की मौत से उद्योग जगत सदमे में है
                 वंदना मिश्रा (फाइल फोटो)
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दौरे के चलते गोविंदपुरी ब्रिज पर ट्रैफिक मूवमेंट थोड़ी देर के लिए रोका गया था, इसी दौरान जाम में फंसने से अस्पताल तक पहुंचने में देर होने की वजह से वंदना मिश्रा की मौत हो गई। पुलिस कमिश्नर ने परिवार से मांगी माफी है। वंदना मिश्रा को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था। जाम में फंसी वंदना की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने तक देर हो चुकी थी, डॉक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। डीसीपी (ट्रैफिक) ने बताया कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं और अगर किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही मिलती है तो ऐक्शन होगा।
                  अस्पताल पहुंचे पुलिस अधिकारी
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन कानपुर चैप्टर से जुड़ी वंदना मिश्रा (50 वर्ष) गोविंदपुरी पुल पर करीब 45 मिनट तक लगे जाम में वह फंसी रहीं। जाम खुलने के बाद उन्हें रीजेंसी अस्पताल पहुंचने में तकरीबन सवा घंटे लग गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। परिवार का आरोप है पुलिसकर्मियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद रास्ता नहीं खुलवाया गया। जबकि कमिश्नर का स्पष्ट निर्देश है कि कहीं पर कोई मेडिकल इमरजेंसी है तो तुरंत उनको ट्रैफिक से निकलवाकर आगे भेजना है। ब्लू बुक के मुताबिक राष्ट्रपति का प्रोटोकॉल होता है। उसी के तहत जब ट्रेन पुल से गुजरती है तो बस उतनी देर एक-दो मिनट के लिए ट्रैफिक रोकना होता है। आरोप है कि वहां काफी पहले से ट्रैफिक रोका गया था।
                         रोते बिलखते परिजन

# पुलिस कमिश्नर ने घर पहुंचकर माफी मांगी…

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण वंदना मिश्रा के घर पहुंचे। उन्होने दिवंगत वंदना के पति शरद मिश्रा से मुलाकात कर संवेदना जताई और घटना के लिए माफी मांगी। कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से ट्वीट में कहा गया है “आईआईए की अध्यक्षा बहन वन्दना मिश्रा जी के निधन के लिए कानपुर नगर पुलिस और व्यक्तिगत रूप से मैं क्षमा प्रार्थी हूं। भविष्य के लिए यह बड़ा सबक है। हम प्रण करते हैं कि हमारी रूट व्यवस्था ऐसी होगी कि न्यूनतम समय के लिए नागरिकों को रोका जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।”
                पुलिस कमिश्नर ने परिजनों से मांगी माफी

# डेढ़ महीने पहले हुआ था वंदना मिश्रा को कोरोना…

महिला उद्यमिता के क्षेत्र में वंदना मिश्रा एक चर्चित नाम था। किदवई नगर के “के ब्लॉक” की रहने वाली वंदना इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन कानपुर चैप्टर की महिला विंग की अध्यक्ष थीं। इसके अलावा वह भारतीय महिला उद्यमी परिषद की भी पदाधिकारी रह चुकी थीं। डेढ़ महीने पहले उन्हे कोरोना संक्रमण हुआ था। वह कोरोना से तो रिकवर हो गईं लेकिन तबीयत पूरी तरह ठीक नहीं हुई। कई दिनों से उन्हे घबराहट और उल्टी होने की शिकायत थी। शुक्रवार सुबह उनके पति शरद मिश्रा उन्हे रीजेंसी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां टेस्ट वगैरह कराने के बाद वह घर आ गईं। लेकिन शाम को उन्हे फिर से दिक्कत हो गई। परिजन रीजेंसी अस्पताल के लिए निकले लेकिन गोविंदपुरी ब्रिज पर जाम की वजह से वह फंस गईं।

मृतका वंदना मिश्रा इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की अध्यक्ष थीं। उन्होने महिला उद्यमियों की एक अलग विंग बनाकर उसका नेतृत्व शुरू किया था, फिर वह आईआईए से जुड़ गईं। अपनी मेहनत से वंदना ने घरेलू किचन मसाला बनने की फैक्ट्री खड़ी की थी। समाज सेवा से लेकर महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने में वह लगातार सक्रिय रहती थी। महिला कल्याण के लिए उन्होने जरूरतमंद महिलाओं को नौकरी देने को हमेशा वरियता देने का कार्य किया। वंदना मिश्रा का आज अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान डीएम अलोक तिवारी, पुलिस कमिश्नर असीम अरुण और डीसीपी रवीना त्यागी भैरव घाट पर पहुंचीं। ताजा प्राप्त जानकारी के अनुसार वंदना मिश्रा के ट्रैफिक में फंसने से हुई मौत के संबंध में 3 यातायात पुलिस कर्मियों व एक सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।

# सीआरपीएफ वाहन से कुचलकर बच्ची की मौत…

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व उनकी पत्नी सविता कोविंद ने शोक संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति की पत्नी ने कमिश्नर को निर्देश दिए हैं कि दोबारा ऐसी स्थिति न पैदा हो इस पर ध्यान दिया जाए। बताते चलें कि इससे पहले राष्ट्रपति की सुरक्षा में जा रही सीआरपीएफ की बस ने कल तीन साल की बच्ची को रौंद दिया था, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दरअसल, सीआरपीएफ वाहन ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। घटना में बच्ची बाइक से गिर कर सीआरपीएफ वाहन के पहियों के नीचे आ गई। आनन फानन उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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