लखीमपुर कांड : अंकित दास के लखनऊ स्थित फ्लैट से रिपीटर गन व पिस्टल बरामद

लखीमपुर कांड : अंकित दास के लखनऊ स्थित फ्लैट से रिपीटर गन व पिस्टल बरामद

# एसआईटी ने गोमतीनगर में होटल सागर मोना से कब्जे में लिया डीवीआर व फुटेज

# घटना के बाद नेपाल भाग गया था अंकित दास

लखनऊ/लखीमपुर-खीरी।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
              लखीमपुर के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत के मामले की जांच कर रही एसआइटी को आरोपित अंकित दास के लखनऊ स्थित फ्लैट से तलाशी में रिपीटर गन तथा पिस्टल मिली है। एसआइटी टीम मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा “मोनू भैया” के साथी अंकित दास के सरेंडर किए जाने के बाद उसे शुक्रवार को लखनऊ लेकर आई थी। घटना वाले दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अखिलेश दास का भतीजा अंकित दास तिकुनिया में फार्च्यूनर पलटने के बाद अपने गनर लतीफ के साथ रिपीटर गन व रिवाल्वर से फायर करते हुए घटना स्थल से फरार हो गया था।
जांच टीम हुसैनगंज क्ले स्क्वायर स्थित एमआइ अपार्टमेंट पहुंची। यहां ग्राउंड फ्लोर पर अंकित के फ्लैट में एसआटी करीब आधे घंटे रुकी। एसआइटी ने फ्लैट से अंकित की रिपीटर गन और रिवाल्वर बरामद कर ली।रिवाल्वर और रिपीटर बरामदगी के बाद एसआइटी और क्राइम ब्रांच अंकित व लतीफ को लेकर गोमतीनगर फन माल के पास होटल सागर सोना पहुंची। यहां से एसआइटी ने होटल में लगी डीवीआर और फुटेज भी कब्जे में ले ली। बताया जा रहा है कि लखीमपुर कांड के दौरान अंकित और लतीफ काले रंग की फाच्र्युनर कार में थे।
                                                 अंकित दास (गिरफ्तारी से पहले का फोटो)
गिरफ्तारी के बाद अंकित ने एसआइटी की पूछताछ में बताया था कि भीड़ उन पर पथराव कर रही थी। पथराव के दौरान उनकी फॉरचूनर कार कुछ दूर आगे जाकर पलट गई। भीड़ उनकी तरफ दौड़ी तो यहां अंकित और लतीफ गाड़ी से निकलकर भागे। भीड़ का उग्र रूप देखकर उन्होने असलहे से फायर की थी। वही असलहे अंकित ने घटना के बाद फ्लैट में छुपाकर रखे थे। लखनऊ आने के बाद अंकित होटल सागर सोना में रुका था। एसआइटी ने आशीष मिश्र का अंकित से सामना भी कराया। पूछताछ के दौरान अंकित ने एसआइटी को बताया था कि वारदात के बाद जब वे भागे तो भीड़ ने उनकी कार को जला दिया था। असलहों के लाइसेंस कार में ही रखे थे वे जल गए हैं। अब एसआइटी असलहों के लाइसेंस और अन्य दस्तावेज के बारे में भी पड़ताल कर रही है।
एसआइटी की पूछताछ में अंकित ने यह भी बताया कि घटना के बाद वह भागकर लखनऊ बाबू बनारसी दास नगर में अपने घर गया। यहां से फ्लैट पर जाकर असलहे छुपाए और फिर एक रात होटल में रुका। होटल से वह सीधा नेपाल भाग गया था। जब उसने आशीष की गिरफ्तारी की बात न्यूज चैनल पर देखी तो आत्मसमर्पण के लिए संपर्क करने लगा। इस बीच एसआइटी ने उसके घर पर नोटिस भी चस्पा कर दी। एसआइटी की नोटिस की जानकारी होने के बाद उसने समर्पण कर दिया था।
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