लघु एंव कुटीर उद्योग के समृद्ध होने पर ही ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सम्भव- सौरभ गुप्ता

लघु एंव कुटीर उद्योग के समृद्ध होने पर ही ग्रामीण क्षेत्रों का विकास सम्भव- सौरभ गुप्ता

स्पेशल डेस्क।
विचारमंथन
तहलका 24×7

                      भारत एक कृषि प्रधान देश है, कृषि के क्षेत्र में समुन्नत साधनों के प्रयोग से यद्यपि उत्पादन में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है परंतु जनसंख्या में वृद्धि के कारण देश के आर्थिक विकास में कृषि क्षेत्र ही पर्याप्त नहीं रह पाया है। इसलिए देश के आर्थिक विकास के लिए औद्योगिकरण का संवर्धन भी अत्यंत आवश्यक है। अनेक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण देश का सबसे बड़ा प्रांत उत्तर प्रदेश, उन सभी विकाससील राज्यों में से एक है। जिसकी ग्रामीण एवं शहरी आबादी मे बहुत ही अधिक समानता है।
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में स्थित जौनपुर जनपद भी सम्मिलित है। जौनपुर जनपद जहां एक ओर अपनी संस्कृति एवं सभ्यता के लिए विख्यात है वहीं दूसरी ओर जनपद में खनिज संसाधनों का अभाव एवं मुख्य रूप से खाद्य उत्पादन प्रधान कृषि स्वरूप के कारण औद्योगिक विकास न्यून हुआ है अर्थात क्षेत्र औद्योगिक विकास की दृष्टि से प्रदेश के अन्य जनपदों की तुलना में पिछड़ा हुआ है। लघु इकाइयां प्राय: स्थानीय लोगों की आवश्यकता से संबंधित हैं। इनमें चीनी, कागज, बिस्कुट, प्लांट, फर्नीचर, दाल व राइस मिल, सीमेंट, पेंटी निर्माण, प्रिंटिंग प्रेस आदि प्रमुख है।
जौनपुर जनपद की अधिकांश जनसंख्या गांव में निवास करती हैं। सरकार के द्वारा ग्रामीण उद्योगों के विकास पर अधिक बल दिया जा रहा है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक रोजगार के अवसर सुलभ हो सके, तथा कृषि पर आधारित कच्चे माल का समुचित उपयोग किया जा सके, जनपद जौनपुर की अर्थव्यवस्था भी कुछ विशेषताओं ने इन उद्योगों को इस अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने का अवसर प्रदान किया है। यहां की अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। जिसके कारण यहां पर आर्थिक पिछड़ापन एवं बेरोजगारी की समस्याएं हैं।
पंचवर्षीय योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक विकास के प्रयत्नों के बावजूद जनपद में बेकारी की समस्या बढ़ती जा रही है। इसका कुप्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। इसके समाधान का एक विकल्प यही है कि लघु एवं कुटीर उद्योग का विकास किया जाए, इससे जनपद मे अधिक से अधिक रोजगार प्रदान किया जा सके, इससे जनपद का विकास निश्चित ही संवर्धन के तरफ अग्रसर होगा।
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