वाराणसी : करोड़ों की जमीन पर कब्जा दिलाने में इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज निलंबित

वाराणसी : करोड़ों की जमीन पर कब्जा दिलाने में इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज निलंबित

# पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश की सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमें में मचा हड़कंप 

वाराणसी।
मनीष वर्मा
तहलका 24×7
                 वाराणसी के चेतगंज थाना इलाके के पिशाच मोचन में करोड़ों की जमीन पर विपक्षी पार्टी को कब्जा कराने के आरोप में बुधवार को चेतगंज इंस्पेक्टर संध्या सिंह को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने निलंबित कर दिया। महिला थानेदार के साथ लहुराबीर चौकी इंचार्ज अमित सिंह को भी निलंबित कर दिया गया। थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह पर भी कार्रवाई की गाज गिरी और लाइन हाजिर कर दिए गए। एक ही थाना पर तीन बड़ी कार्रवाई के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
पिशाच मोचन के रहने वाले व्यापारी मुकेश साहू ने पुलिस आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई थी कि पिशाच मोचन में कीमती जमीन का सट्टा कराया है, जिस पर गोदाम बनाया हुआ है जिसपर चेतगंज के रहने वाले विपक्षियों की नजर है। मुकेश के अनुसार शुक्रवार रात पिशाच मोचन मंदिर पर दर्शन करके लौट रहा था तो देखा कि गोदाम पर रखा लोहे का गेट एक ट्राली से वेल्डिंग की दुकान पर विपक्ष के लोग चोरी करके ले जा रहे थे। इस दौरान विपक्ष के लोगों से विवाद हुआ तो मौके पर लहुराबीर चौकी इंचार्ज अमित सिंह पहुंचे और बोले कि सुबह थाने पर आइए बात होगी।

दूसरे दिन शनिवार को थाना दिवस पर पहुंचे तो विपक्ष के लोग थाने पर पहले से ही बैठे हुए थे। इस दौरान इंस्पेक्टर संध्या सिंह को गेट और गोदाम से जुड़े सभी कागजात दिखाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं दूसरे दिन लोहे के गेट को विपक्ष के लोगों ने दबंगई से गोदाम पर लगवाकर जमीन पर कब्जा करने लगे। इंस्पेक्टर से गुहार लगाई कि जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की और घंटों तक थाने पर बैठाए रखा। इसके बाद मुकेश साहू ने पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र देकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी।

पुलिस आयुक्त ने गोपनीय जांच कराई तो मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ निकला और तत्काल प्रभाव से इंस्पेक्टर संध्या सिंह, चौकी इंचार्ज अमित सिंह को निलंबित करते हुए पूरे मामले में लीपा-पोती करने वाले एसएसआई ओमप्रकाश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने बताया कि चेतगंज इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की गई। एसएसआई भी पूरे मामले में मूकदर्शक बने रहे।
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