वाराणसी : सुर, लय, ताल की गली में असुविधाओं की तान

वाराणसी : सुर, लय, ताल की गली में असुविधाओं की तान

# पद्मगली में सीवर, सफाई और बिजली व्यवस्था ध्वस्त, जीवन हुआ नारकीय

वाराणसी।
मनीष वर्मा
तहलका 24×7
               कबीरचौरा मोहल्ले की पद्मगली में एक से बढ़कर एक कलाकार रहते हैं। विश्व में अपनी अलग पहचान रखने वाले बनारस घराने का प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकारों के इस मोहल्ले में सिर्फ संगीत बसता है। लेकिन इन दिनों मोहल्ले के कलाकार सीवर, पानी, स्ट्रीट लाइट, सफाई और पीने के पानी की समस्या से आए दिन हलकान हो रहे हैं आम जनजीवन नारकीय हो गया है।

हृदय योजना के तहत मोहल्ले को 2017 में 2.51 करोड़ रुपये से संवारा गया था। योजना के तहत होने वाले अधिकांश काम अधूरे ही हैं। आलम यह है कि किसी के घर के सामने लगी हेरिटेज स्ट्रीट लाइन खराब है, किसी की गली में जलभराव हुआ है तो किसी की गली में सीवर जमा हुआ है।

कथक साम्राज्ञी पद्मश्री सितारा देवी के नाती नर्तक विशाल कृष्ण ने बताया कि गली की हेरिटेज स्ट्रीट लाइट अक्सर खराब रहती है। बरसात के दौरान तो गली में जलभराव की समस्या भी झेलनी पड़ती है। तबले पर अपना जादू बिखेरने वाले पद्मविभूषण स्व पं. किशन महाराज की गली में अक्सर सीवर जाम रहता है। पं. पूरण महाराज ने बताया कि कई बार निगम व पार्षद को फोन करते हैं पर सुनवाई नहीं होती।

पद्मभूषण स्व. पं. राजन मिश्र की गली की हालत अच्छी नहीं है। घर में रहने वाली बड़ी बहन इंदू मिश्रा ने बताया कि पूरे दिन गली में कूड़ा बिखरा रहता है। जिससे दुर्गंध उठने से परेशानी होती है। पद्मश्री पं. सामता प्रसाद मिश्र उर्फ गुदई महाराज की गली की सीवर लाइन आए दिन जाम रहती है। घर के सामने सीवर का पानी भर जाता है। परिवार के लोगों ने बताया कि गेट पर गंदगी से बहुत परेशानी है।

# विश्वस्तर के कलाकारों का गढ़ है कबीरचौरा

कबीरचौरा मोहल्ला विश्वस्तरीय कलाकारों का गढ़ है। तबले की बनारसबाज शैली को विकसित करने वाले पं. बड़े रामदास मिश्र ने कई बड़े नामचीन तबला वादकों को प्रशिक्षित किया। इसके अलावा पं. रामसहाय, पं. कंठे महाराज, पं. अनोखेलाल, पं. शांता प्रसाद मिश्र, पं. किशन महाराज, पं. हरिशंकर मिश्रा, पं. शारदा सहाय, गिरिजा देवी, सितारा देवी, गोपी कृष्ण, पं. राजन मिश्र-साजन मिश्र, पं. विकास महाराज समेत कई बड़े नाम हैं। जबकि इसी मोहल्ले में पं. ओंकारनाथ ठाकुर, भारत रत्न पं. रविशंकर, भारत रत्न बिस्मिल्लाह खान संगीत का रियाज किया करते थे।
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