विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में मारपीट : विवादों से रहा है तीर्थ पुरोहित का नाता

विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में मारपीट : विवादों से रहा है तीर्थ पुरोहित का नाता

# खुद को बताता गांधी परिवार का पंडा, कई मुकदमें भी दर्ज

मिर्जापुर।
तहलका 24×7
             मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में जिस तीर्थ पुरोहित से विवाद हुआ है, वह खुद को गांधी परिवार का पंडा बताता है। इतना ही नहीं, अमिताभ बच्चन परिवार का पुरोहित होने का भी दावा करता है। जबकि महानायक जब परिवार के साथ विंध्याचल आए थे, तब राजन पाठक ने दर्शन पूजन कराया था। वह अमर सिंह के साथ आए थे। कुछ दिन पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट ने भी इस पुरोहित पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। इससे पहले भी इसके खिलाफ मारपीट और पुरोहितों पर आरती का गर्म तेल फेंकने की तहरीर दी गई हैं। कुछ महीने पहले इसी पुरोहित ने एक दरोगा का सिर फोड़ दिया था। उसमें भी पुलिस ने उसकी पिटाई की थी।
मां विंध्यवासिनी परिसर में पुलिस और तीर्थ पुरोहित में झड़प होने के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। परिसर में सिर्फ पुलिसकर्मी और तीर्थ पुरोहित हैं। मंदिर परिसर में पंडा समाज कार्यालय से लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा है कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पूजन प्रतिबंधित हैं।
घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें साफ दिख रहा है कि पुरोहित ने बैरिकेडिंग से दर्शनार्थियों को अंदर किया। इस पर एक पुलिसकर्मी ने उसका गमछा पीछे से खींच लिया। इस पर पुरोहित ने नाराजगी दिखाई तो पुलिसकर्मियों ने मिलकर उसकी पिटाई कर दी। लोगों के बीच-बचाव करने के बाद भी पुलिस पिटाई करती रही। घटना के बाद विंध्याचल कोतवाल शेषधर पांडे, धाम चौकी प्रभारी इंद्र भूषण मिश्र व धाम सुरक्षा प्रभारी रविंद्र यादव पहुंचे और बातचीत कर मामले को शांत कराया।
विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन में आम और खास के लिए अलग-अलग कोरोना गाइडलाइन का पालन होता दिखाई देता है। शनिवार और रविवार को मंदिर बंद रहने के दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों के कई बार अपने परिचितों को दर्शन कराने का वीडियो वायरल हो चुका है, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी पर पंडा समाज ने सवाल उठाया कि क्या अधिकारी नियमों से ऊपर है, या नियम सिर्फ आम दर्शनार्थियों के लिए है।

# यह था मामला

मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में रविवार की दोपहर कोरोना कर्फ्यू के दौरान अपने यजमान को दर्शन कराने लेकर जा रहे पुरोहित की वहां तैनात पुलिसकर्मियों से झड़प हो गई थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने पुरोहित अमित पांडेय की जमकर पिटाई कर दी। बाद में पुलिस और पंडा समाज आमने-सामने हो गए। काफी संख्या में इकट्ठा हुए पंडा समाज ने विरोध जताते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों और परिचितों को दर्शन करा रही है और पुरोहित बाहर से आए दर्शनार्थी को दर्शन करा रहे हैं तो रोका जा रहा है। विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए विंध्याचल कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर तीर्थ पुरोहित से बात कर मामला शांत कराया।
पंडा की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने तीर्थ पुरोहित की पिटाई करने वाले तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कोरोना कर्फ्यू नियम का उल्लंघन कर दर्शन कराने के मामले में पंडा अमित पांडे पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करने का भी  आरोप लगाया है।
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