विरोध : पाकिस्तान से प्रेम है तो वहीं चली जाएं महबूबा

विरोध : पाकिस्तान से प्रेम है तो वहीं चली जाएं महबूबा

# काशी की मुस्लिम महिला फाउंडेशन देगी किराया

वाराणसी।
मनीष वर्मा
तहलका 24×7
                जैसे ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर के नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया, वैसे ही कश्मीर की नेता महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान की वकालत करते हुए भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करने की सलाह दी। महबूबा के बयान पर वाराणसी में सामाजिक संगठनों ने गहरी नाराजगी जताई और काशी में नाराज मुसलमानों ने पाकिस्तान का पुतला फूंककर विरोध जताया। इसके अलावा बलिया में भी राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने नाराजगी जताई।

मुस्लिम महिला फाउंडेशन, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच एवं विशाल भारत संस्थान ने बृहस्पतिवार को संयुक्त रूप से लमही के इंद्रेश नगर में सुभाष भवन के सामने पाकिस्तान का पुतला फूंका। महबूबा के बयान की कड़ी निंदा करते हुए नाजनीन अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर मसले पर पाकिस्तान के साथ किसी तरह की बातचीत न करें। महबूबा को अगर पाकिस्तान से इतना प्रेम है तो तुरंत पाकिस्तान निकल लें। पाकिस्तान जाने का खर्च मुस्लिम महिला फाउंडेशन देगी।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के पूर्वांचल प्रभारी मो. अजहरूद्दीन ने विश्व समुदाय के नेताओं से अपील करते हुए कहा कि पाकिस्तान पर दबाव बनाएं। इस अवसर पर जुटे मुसलमानों की एक राय थी कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती शफीक अहमद मुजद्दीदी ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार से पूरी दुनिया के अल्पसंख्यक असुरक्षित हो गए हैं और इस्लाम बदनाम हो रहा है।

पुतला फूंकने के बाद सुभाष भवन में बैठक हुई जिसमें नाजनीन अंसारी ने प्रस्ताव रखा कि बनारस मंडल के पांच हजार मुसलमान संयुक्त राष्ट्रसंघ को चिट्ठी लिखकर पाकिस्तान से भारत भूमि को खाली कराए जाने की मांग करेंगे। विशाल भारत संस्थान के संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने कहा, अब मानवाधिकार की रक्षा करते हुये दुनिया के देशों को मिलकर पाकिस्तान से आजादी दिलाने की जरूरत है।

इस दौरान आरएसएस के इंद्रेश कुमार ने कहा कि अल्पसंख्यकों पर जुल्म, इस्लाम के सच्चे अनुयायियों पर जुल्म और बलूचिस्तान में बच्चों पर जुल्म पाकिस्तान का शगल है। अब पाकिस्तान का अत्याचार और दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान अब्दुल सलाम, अब्दुल हकीम, मुश्ताक अहमद, अनीस अहमद, नगीना बेगम, नाजमा, नजमा परवीन, राशिद भारतवंशी, तबरेज भारतवंशी, ताजीम भारतवंशी, रोजा भारतवंशी, शाहिद, अफसर बाबा आदि मौजूद रहे।
Previous articleआजमगढ़ : बाढ़ में चार लोगों के आशियाने घाघरा नदी में विलीन, पलायन करने लगे लोग
Next articleजौनपुर : बेवजह घूम रहे लोगों की जमकर क्लास, सिखाया कोरोना गाइडलाइंस का पाठ
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏