वेदानन्द ओझा..

वेदानन्द ओझा..

शिवलिंग की उपासना सृष्टि के मूल की उपासना है, हिरण्यगर्भ की उपासना है।महाप्रलय के बाद जब सृष्टि का पुनः आविर्भाव हुआ तो सबसे पहले बृहद आकार अण्डों की उत्पत्ति हुई, जिसे वेद में हिरण्यगर्भ कहा गया है, उसी की उपासना शिवलिंग के रूप में की जाती है। शिव माने कल्याणकारी और लिंग माने चिन्ह..
The worship of shivlingam is the worship of the primordial cause of the creation. After annihilation of the previous creation, the new creation began with the emergence of great oval shaped forms which have been called hiranyagarbha in Vedas. This is worshiped as shivlingam. Shiv means benedictive and lingam means the sign.

वेदानन्द ओझा
365 विधानसभा शाहगंज
ग्राम-त्रिकौलिया खुटहन

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