वो पांच कारण जिसके कारण पीछे हटने को मजबूर हुई केंद्र सरकार

वो पांच कारण जिसके कारण पीछे हटने को मजबूर हुई केंद्र सरकार

# पीएम मोदी को कहना पड़ा कि “होंगे तीनों कृषि कानून वापस”

स्पेशल डेस्क।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
                  दिल्ली की सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन की पहली वर्षगांठ से ठीक सात दिन पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानून वापस लेने की घोषणा कर दी। गुरु नानकदेव के प्रकाश पर्व पर सुबह 9 बजे देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने किसानों से आंदोलन वापस लेने का भी आग्रह किया। उन्होंने जनता से माफी मांगते हुए कहा कि कानूनों की वापसी की संवैधानिक औपचारिकताएं 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीत सत्र में पूरी की जाएंगी।
पीएम ने कहा, सरकार, किसानों, खासकर छोटे किसानों के कल्याण के लिए, देश के कृषि जगत के हित में, गांव गरीब के उज्ज्वल भविष्य के लिए, सत्यनिष्ठा से, किसानों के प्रति समर्पण भाव से, नेक नीयत से कानून लेकर आई, पर इतनी पवित्र बात, पूर्ण रूप से शुद्ध, किसानों के हित की बात, हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। पीएम ने कहा कि कृषि अर्थशास्त्रियों, वैज्ञानिकों व प्रगतिशील किसानों ने भी उन्हें समझाने का प्रयास किया।

# आइए जानते हैं वो पांच कारण जिनकी वजह से केंद्र सरकार को हटना पड़ा पीछे…

1.# यूपी, उत्तराखंड, पंजाब विधानसभा चुनाव

खासकर पश्चिम यूपी में मजबूत किसान आंदोलन से जाट वोट छिटकने का था खतरा..

2.# उपचुनावों का झटका

हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में करारी शिकस्त से हुआ सरकार को जमीनी स्तर पर नाराजगी का एहसास..

3.# लखीमपुर कांड

किसानों पर कार चढ़ाने की घटना से बदनामी हुई। घटनास्थल पर गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र की मौजूदगी और गोलियां चलाने की भी हुई थी पुष्टि…

4.# अपनों का बढ़ता विरोध

मणिपुर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सीधा मोर्चा खोला, सांसद वरुण गांधी ने भी हमला बोला..

5.# अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि को धक्का

आंदोलन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी की छवि को धक्का लगा। कई देशों ने सार्वजनिक तौर पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए..

# एमएसपी पर बनाएंगे कमेटी

पीएम मोदी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को और प्रभावी बनाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक कमेटी बनाएंगे। कमेटी में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधि, किसान, कृषि वैज्ञानिक और कृषि अर्थशास्त्री होंगे। कमेटी जीरो बजट खेती व किसान के हित में निर्णय लेगी।

# किसानों का अगला कदम

एमएसपी गारंटी कानून बनने तक आंदोलन जारी रहेगा किसान आंदोलन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी की मांग जुड़ गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सरकार एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाए। कानून बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बारे में रविवार को बैठक में फैसला होगा।

# किसानों की ये मांगें भी

केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करें और शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले किसानों के खिलाफ मामले वापस लें

# संसद में वापस लें कानून- टिकैत

भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने कहा, सरकार तीनों कानून संसद में वापस ले और एमएसपी पर गारंटी वाला कानून लेकर आए, तभी आंदोलन समाप्त होगा। अभी आधी मांग ही पूरी हुई है। दोनों मांगें पूरी होने के बाद ही हम जश्न मनाएंगे।

# केंद्र की जिद में गई 700 की जान

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, केंद्र की जिद और रवैये के कारण एक साल तक चले आंदोलन में 700 किसानों की मौत हुई आगे की रणनीति बैठक में तय करेंगे।

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