व्यापारी से पांच हजार घूस लेने का आरोपी दरोगा बर्खास्त

व्यापारी से पांच हजार घूस लेने का आरोपी दरोगा बर्खास्त

# लॉकडाउन के दौरान शाहगंज कस्बे में चर्चित था दारोगा महेश सिंह

जौनपुर।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
                तीन साल पूर्व वाराणसी के सिगरा थाना के सोनिया चौकी प्रभारी रहे महेश सिंह को व्यापारी से पांच हजार रुपये घूस लेने के मामले में पद से बर्खास्त कर दिया गया। दारोगा महेश सिंह की तैनाती फिलहाल जौनपुर में थी। वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की हफ्ते भर के अंदर यह दूसरी कार्रवाई है। इसके पहले महिला थाने में उप निरीक्षक रही गीता देवी को 20 हजार घूस लेने के मामले में बर्खास्त किया जा चुका है।
कूरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी चलाने वाले कबीरचौरा स्थित जालपा देवी रोड निवासी राजकुमार गुप्ता ने धोखाधड़ी मामले में सिगरा थाना अंतर्गत सोनिया चौकी इंचार्ज महेश सिंह के पास गए तो दारोगा ने पैसे की मांग की। कई बार पैसे की मांग होने से त्रस्त राजकुमार गुप्ता ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण वाराणसी इकाई से की।

# रंगे हाथ पकड़ा गया था दरोगा 

शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने पांच हजार रुपये  देकर राजकुमार को चौकी पर भेजा। जहां नोटों की गड्डी थामते ही चौकी इंचार्ज महेश सिंह को एंटी करप्शन टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। कैंट थाने में एसआई महेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले की जांच  रिपोर्ट पर अपर पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय सुभाष चंद्र दुबे ने बर्खास्त का आदेश जारी किया। आदेश की प्रति जौनपुर पुलिस अधीक्षक को भी भेज दी गई है।  सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि पुलिस जैसे अनुशासित बल का हिस्सा होने के बावजूद अपचारी उप निरीक्षक का यह कृत्य  पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने और भ्रष्ट आचरण से पुलिस बल की आम जनता में विश्वसनीयता कम करने का परिचायक है। दारोगा ने आमजन का रक्षक होते हुए भक्षक का कार्य किया गया है, जो एक अति गंभीर कदाचार है। 
बताते चलें कि उक्त दारोगा महेश सिंह वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन के समय शाहगंज कोतवाली में तैनात था और उस दौरान उसने जमकर सुर्खियां बटोरी थी। उक्त चर्चित दारोगा के कारनामे आम जनमानस की जुबां पर थे। वहीं दूसरे प्रकरण में शाहगंज के भादी ग्राम में मोहर्रम के समय पुलिसिया रौ में ताजिया तोड़ कर शहर में आग लगाने का काम किया था। जिसमें शाहगंज पुलिस को काफी फजीहत झेलनी पड़ी थी। मामले की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजय साहनी ने 12 घंटे के अंदर उक्त दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया था।

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