सपा की मुस्लिम रहनुमाई सिर्फ “वोटखिंचवा राजनीति” ?

सपा की मुस्लिम रहनुमाई सिर्फ “वोटखिंचवा राजनीति” ?

# ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों के लिए सपा को नहीं मिला एक भी मुस्लिम कैंडिडेट

# जिला प्रवक्ता का दावा, एक भी मुस्लिम ने नहीं किया आवेदन 

जौनपुर।
रवि शंकर वर्मा
तहलका 24×7
                   एमवाई (मुस्लिम यादव) फैक्टर पर राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर जिलाध्यक्ष लाल बहादुर यादव द्वारा जारी ब्लॉक प्रमुख के प्रत्याशियों की सूची ने एक नई चर्चा की शुरुआत कर दी है। सपा द्वारा जारी सूची में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी न होने से मुस्लिम समुदाय अब मंथन करने में लग गया है कि क्या समाजवादी पार्टी की मुस्लिम रहनुमाई सिर्फ “वोटखिंचवा राजनीति” है ? जारी सूची में एक भी मुस्लिम कैंडिडेट न होने से वे अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं और अब कहने भी लगे हैं कि मुस्लिम हमेशा से सिर्फ इस्तेमाल हुए हैं..
समाजवादी पार्टी के कई मुस्लिम नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर “तहलका 24×7” से विशेष बातचीत में बताया कि ‘हिन्दू और हिन्दुत्व’ का डर दिखा कर मुस्लिमों का ध्रुवीकरण करने वाली समाजवादी पार्टी की कलई अब खुलने लगी है। भाजपा के शासन में किसी मुस्लिम को लक्ष्य कर प्रताड़ित नहीं किया गया। केन्द्र व राज्य सरकारों की सभी योजनाओं में कहीं भी भेदभाव नहीं किया गया जो पात्र थे उन्हें उनका हक मिला। लेकिन समाजवादी पार्टी में सिर्फ और सिर्फ एक विशेष जाति की ही सुनवाई हुई, एक विशेष जाति ही लाभान्वित हुई।
समाजवादी पार्टी के पुराने सिपाही बताते हैं कि जब से सपा वजूद में आई तब से आज तक मुस्लिम समुदाय का एक भी जिलाध्यक्ष नहीं बन सका है। मुस्लिम समुदाय सिर्फ और सिर्फ इस्तेमाल हुआ है लेकिन अब समय तेजी से परिवर्तित हो रहा है। लोहियावादी समाजवाद की परिभाषा अब बदल गई है और वह समाजवाद की बजाय परिवारवाद लगने लगी है। अब सपा की कथित मुस्लिम रहनुमाई की कलई भी खुलने लगी है जिसका जीता जागता प्रमाण है कि जनपद के 21 ब्लाकों में से अब तक जारी 16 ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशियों की सूची में एक भी मुस्लिम प्रत्याशी का नहीं होना ।
समाजवादी पार्टी की जारी सूची में 9 प्रत्याशी यादव, 2 क्षत्रिय, 2 ब्राहमण और 1-1 प्रत्याशी वर्मा, पटेल और सरोज हैं। इस सम्बन्ध में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष लालबहादुर यादव से स्पष्टीकरण के लिए सम्पर्क करने का कई बार प्रयास किया गया लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका। वहीं सपा जिला प्रवक्ता राहुल त्रिपाठी ने दो टूक बताया कि किसी भी विकास खण्ड पर ब्लॉक प्रमुख पद के लिए किसी भी मुस्लिम समुदाय के प्रत्याशी ने आवेदन ही नहीं किया। है न.. हैरत की बात ?
बहरहाल.. जारी लिस्ट ने मुसलमानों को एक मुद्दा दे दिया है और वह सोचने पर विवश हैं कि उनका सच्चा हितैषी कौन है? कोई आश्चर्य नहीं होगा, अगर अपने हित को देखते हुए मुस्लिम समुदाय समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ने से भी गुरेज न करे।
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