सलाह ! एन-95 मास्क एक लेकिन सर्जिकल या कपड़े के लगाएं दो मास्क, तभी होगा कोरोना संक्रमण से बचाव..

सलाह ! एन-95 मास्क एक लेकिन सर्जिकल या कपड़े के लगाएं दो मास्क, तभी होगा कोरोना संक्रमण से बचाव..

लखनऊ/भोपाल।
विजय आनंद वर्मा
तहलका 24×7
               कोरोना संक्रमण से बचाव में मास्क बहुत ही कारगर है लेकिन इसके चयन और उपयोग को लेकर सावधानी रखना भी जरूरी है। साथ ही सही ढंग से उपयोग करना तो आवश्यक है ही। भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स भोपाल के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ सरमन सिंह का कहना है कि मास्क लगाने के बाद थोड़ी बहुत परेशानी होने पर भी इसे लगाना नहीं छोड़ना चाहिए। यदि कोई भीड़-भाड़ वाली जगह से आया है। उसके संक्रमित होने का खतरा है तो उसे घर में भी मास्क लगाकर रखना चाहिए, ताकि परिवार के अन्य लोग सुरक्षित रहें।

डॉ सरमन सिंह का कहना है कि एन-95 मास्क लगाने पर डबल मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। कोई भी मास्क 95 फीसद से ज्यादा बचाव नहीं करता। इससे अच्छे कुछ विशेष मास्क ही होते हैं जो लैब में संक्रामक बीमारियों की जांच के दौरान उपयोग किए जाते हैं। पिछले साल सर्जिकल मास्क या कपड़े के मास्क से भी काफी हद तक बचाव हो जाता था, लेकिन इस बार का वायरस ज्यादा संक्रामक होने की वजह से सर्जिकल या कपड़े के दो-दो मास्क लगाने की जरूरत है। पिछले साल वायरस इन मास्क से होकर शरीर में पहुंचने के बाद भी संक्रमित नहीं कर पाते थे, लेकिन इस साल 200 से कम वायरस (वेरियोंस) भी शरीर के भीतर पहुंचकर संक्रमित कर दे रहे हैं। ऐसे में दो मास्क लगाने पर 75 फीसद तक बचाव हो जाता है।

# मास्क लगाने में इन बातों का ध्यान जरूर रखें

एन-95 मास्क का उपयोग कई लोग लगातार करते हैं। इससे कई अन्य संक्रमण भी हो सकते हैं। एक मास्क को एक बार उपयोग के बाद कागज के लिफाफे में बंद करके चार दिन के लिए रख देना चाहिए। पांचवें दिन आधे घंटे धूप में रखकर या सैनिटाइज कर पहन सकते हैं। चार दिन में वायरस मर जाता है। इस तरह एक मास्क का उपयोग अधिकतम पांच बार किया जा सकता है। एन-95 मास्क अधिकतम आठ से 10 घंटे लगा सकते हैं। मास्क की अंदरूनी सतह को हाथ नहीं लगाना चाहिए।

– तीन परत का सर्जिकल मास्क सिर्फ एक बार ही उपयोग में लाकर फेंक देना चाहिए। सर्जिकल मास्क को सैनिटाइज कर कई दिन तक उपयोग करना गलत है।
– कपड़े का मास्क सूती कपड़े का हो और तीन परत का बनाया जाना चाहिए। इसे हर दिन साबुन से अच्छी तरह से धोकर और धूप में सुखाकर उपयोग करना चाहिए।
– मास्क को उतारने के पहले हाथ को अच्छी तरह से सैनिटाइज करें। कान के पास धागे को पकड़कर मास्क उतारना चाहिए।
– उपयोग किए जा चुके मास्क को किसी गड्ढे में डालकर मिट्टी से दबा देना चाहिए या फिर कचरा गाड़ी में निर्धारित जगह पर डालना चाहिए।

# यह होता है एन-95 मास्क

एन-95 मास्क सूक्ष्म जीवाणुओं से 95 फीसद तक बचाव कर देता है। यह तीन परत का होता है। एन-95 मास्क उन्हें कहा जाता है जो अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ सर्टिफिकेशन (नियोस) से मान्यता प्राप्त होते हैं। हालांकि कोरोना संक्रमण के बाद भारत में डीआरडीओ ने भी कुछ मास्क को एन-95 मास्क के तौर पर मान्यता दी है। एन-95 मास्क की सबसे बड़ी पहचान नियोस सर्टिफिकेशन है।

इसके अलावा भारतीय मानक ब्यूरो (बीआइएस) प्रमाणित एफएफपी2 का चिह्न पैकेट पर देखकर लें।
बिल जरूर लें। नकली एन-95 मास्क में बैच नंबर और खुदरा मूल्य नहीं लिखा होता।
नोट- छाती व श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएन अग्रवाल और हमीदिया अस्पताल के सह प्राध्यापक डॉ. विकास मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार..
Previous articleगुजरात के राज्यपाल ने लव जिहाद सहित 8 विधेयकों के मंजूरी पर लगाई मुहर..
Next articleयूपी में एक विवाह ऐसा भी, आए सिर्फ 15 बराती और हो गई 3 लड़कियों की शादी
तहलका24x7 की मुहिम... "सांसे हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाएं हम" से जुड़े और पर्यावरण संतुलन के लिए एक पौधा अवश्य लगाएं..... 🙏