सुल्तानपुर : अपनी संस्कृति से जोड़ता है ग्रंथों का अध्ययन- बाबा बजरंगदास

सुल्तानपुर : अपनी संस्कृति से जोड़ता है ग्रंथों का अध्ययन- बाबा बजरंगदास

कादीपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
                   “पूर्वजों की गौरव गाथा से राष्ट्रीय स्वाभिमान में वृद्धि होती है ग्रंथों का अध्ययन हमें अपनी संस्कृति से जोड़ता है” यह बातें बाबा बजरंगदास ने जूनियर हाईस्कूल मैदान में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा के तीसरे दिन रामकथा सुनाते समर कही। उन्होंने आगे कहा कि वृद्धों का सम्मान और सेवा करने से व्यक्ति के आयु, विद्या, यश और बल में बढ़ोत्तरी होती है। जब तक भारत में बूजुर्गों का सम्मान होता रहेगा तब तक भारत की संस्कृति सुरक्षित रहेगी। उन्होंने बताया कि रामकथा के प्रसंगों को जीवन में उतार कर हम अपना जीवन धन्य बना सकते हैं।

बाल व्यास सम्पूर्णानंद ने हनुमान कथा सुनाते हुए कहा कि हनुमान जी संकट मोचक हैं उन्होंने समय-समय पर श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत आदि का संकट दूर किया है। हनुमान जी की सलाह मान कर विभीषण लंकेश्वर बन गए हनुमान जी की शरण में रहकर मानव संकट मुक्त हो सकता है। रामकथा का संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। इस अवसर पर डॉ इंदुशेखर उपाध्याय, शिव सकल सिंह, एडवोकेट विनोद श्रीवास्तव, गिरीश तिवारी, अशोक उपाध्याय, रमेश मोदनवाल समेत अनेक प्रमुख लोग मौजूद रहे। आयोजक सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रतिदिन सायं साढ़े छ से रात दस बजे तक होने वाली यह रामकथा एक नवंबर तक चलेगी।

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