सुल्तानपुर : ज्ञानेन्द्र व पवन को मिला जनकवि पं. वंशीधर शुक्ल पुरस्कार

सुल्तानपुर : ज्ञानेन्द्र व पवन को मिला जनकवि पं. वंशीधर शुक्ल पुरस्कार

# जनपद के दो युवा साहित्यकारों का सम्मान होने से बढ़ा जनपद का गौरव

सुल्तानपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
              जनपद के दो युवा साहित्यकारों को लखीमपुर खीरी में हुये भव्य साहित्यिक समारोह में सम्मानित किया गया। जिससे जनपद वासियों में प्रसन्नता है।राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह ‘रवि’ व कादीपुर तहसील के रानेपुर गांव निवासी पवन कुमार सिंह को अवधी साहित्य में योगदान के लिए जनकवि पं. वंशीधर शुक्ल पुरस्कार प्रदान किया गया है।

यह सम्मान राष्ट्रकवि पं. वंशीधर शुक्ल स्मारक एवं साहित्य प्रकाशन समिति लखीमपुर-खीरी द्वारा आयोजित भव्य समारोह में खीरी के जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक विजय ढुल ने प्रदान किया। दोनों साहित्यकारों को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र व स्मृति चिन्ह आदि देकर सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह ‘जटायु’ ने की। इस समारोह में दोस्तपुर ब्लाक की सहिनवां निवासी रीता चतुर्वेदी का सारस्वत सम्मान उनकी अनुपस्थिति में उनके पति कृष्ण मणि चतुर्वेदी ‘मैत्रेय’ ने ग्रहण किया।

राष्ट्रकवि पं. वंशीधर शुक्ल स्मारक समिति द्वारा लगभग चार दशकों से जनकवि वंशीधर शुक्ल के जन्मदिन पर लखीमपुर-खीरी जनपद के मन्योरा ग्राम स्थिति जन्मभूमि पर एक भव्य साहित्यिक आयोजन किया जाता है। जिसमें देश भर के साहित्य सेवी जुटते हैं। इस वर्ष यहां देशभर के लगभग बारह साहित्यकारों को विभिन्न सम्मान से पुरस्कृत किया गया। ‘कदम कदम बढ़ाये जा, खुशी के गीत गाए जा’, ‘उठ जाग मुसाफिर भोर भई’, ‘ मोरे चरखे का टूटे न तार, चरखवा चालू रहे’ जैसी अनेक बहुचर्चित कविताओं के रचयिता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व विधायक रहे वंशीधर शुक्ल की धरती पर जनपद के दो युवा साहित्यकारों का सम्मान होने से जनपद का गौरव बढ़ा है ।

उल्लेखनीय है कि ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने अवधी आलोचना तथा पवन कुमार सिंह ने अवधी काव्य रचना में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इस सम्मान पर वरिष्ठ साहित्यकार कमल नयन पाण्डेय, डॉ.आद्या प्रसाद सिंह प्रदीप, मथुरा प्रसाद सिंह जटायु, सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु, शोभनाथ शुक्ल, डॉ. ओंकारनाथ द्विवेदी, केएनआई प्राचार्य डॉ राधेश्याम सिंह, राणा प्रताप पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ एमपी सिंह व डॉ डीएम मिश्र समेत अनेक प्रमुख लोगों ने प्रसन्नता जताई है।
Feb 17, 2021

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