सुल्तानपुर : मिट गयी हाथ की लकीर, नहीं मिल रहा है योजनाओं का लाभ

सुल्तानपुर : मिट गयी हाथ की लकीर, नहीं मिल रहा है योजनाओं का लाभ

सुल्तानपुर।
ज़ेया अनवर
तहलका 24×7
              तकनीकी विकास से जहां लोगों को सहूलियत मिल रही है वहीं, कुछ जरूरतमंदों को समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। कारण, बायोमीट्रिक मशीन पर उंगली न लगने से अधिकतर लोग योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। आधार संशोधन के लिए डाक कार्यालय, निजी कंप्यूटर सेंटर व पूर्ति कार्यालय तक उंगली मिलान के लिए पीड़ित चक्कर लगाने को मजबूर हैं।बंधुआ कलां बाबाजी सगरा निवासी अब्दुल कादिर अपने दो बेटे, बेटी व पत्नी के साथ रहते हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर अब्दुल को पात्र गृहस्थी कार्ड में दर्ज यूनिट के हिसाब से मिलने वाला राशन ही सहारा है। वह बताते हैं कि राशन लेने के लिए जब वह कोटेदार के यहां बायोमीट्रिक मशीन पर उंगली लगाते हैं तो मिलान नहीं होता इससे कोटेदार द्वारा उन्हें लौटा दिया जाता है। वहीं, इसी ब्लाक के डिहवा निवासी राजेश कुमार सिंह अपने बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वह कहते हैं कि बायोमीट्रिक मशीन पर बेटी की उंगली का निशान न लगने से उसका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। करीब एक साल से वह आधार कार्ड बनवाने के लिए विभाग का चक्कर लगा रहे हैं।उधर, बछेड़िया निवासी नारायण शुक्ल भी उंगली न लगने के कारण राशन पाने से वंचित हो रहे हैं। साथ ही बायोमीट्रिक से होने वाले अन्य कार्य भी नहीं हो पाते हैं।

# अभिभावकों के अंगूठे का निशान लेकर किया जाएगा समाधान

डाक अधीक्षक पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि योजनाओं का लाभ देने के लिए विकल्प सुझाए गए हैं, जिनकी उंगली नहीं लग रही है। उनके माता-पिता के अंगूठे के निशान लेकर समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

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