सुल्तानपुर : लोकार्पण के साथ ही शुरू होगा पूर्वांचल के विकास का सफर

सुल्तानपुर : लोकार्पण के साथ ही शुरू होगा पूर्वांचल के विकास का सफर

# पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से बढ़ेगी एक दर्जन से अधिक जिलों की कनेक्टिविटी

सुल्तानपुर।
ज़ेया अनवर
तहलका 24×7
                   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16 नवंबर को देश के सबसे लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। 340.824 किमी लंबे हाई-वे के लोकार्पण के साथ पूर्वांचल की तरक्की का सफर शुरू हो जाएगा। हालांकि यह एक्सप्रेस-वे लखनऊ से गाजीपुर तक नौ जिलों से गुजर रहा है, लेकिन एक दर्जन से अधिक जनपदों की कनेक्टिविटी इससे बढ़ जाएगी। कोलकाता से दिल्ली तक की यात्रा आसान हो जाएगी।
एक्सप्रेसवे के दोनों ओर आठ औद्योगिक गलियारा बनाएं जाने से सामाजिक व आर्थिक विकास बढ़ेगा। कृषि, वाणिज्य, पर्यटन के साथ अन्य औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। उद्योग संचालन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति निर्बाध रूप से होगी। पश्चिमी शहरों से पूर्वांचल के शहरों का जुड़ाव होने पर ट्रांसपोर्टेशन आसान होगा, जिससे उत्पादों को बाजार मिल सकेगा।
विश्व की बड़ी पेशेवर सेवा कंपनी “अ‌र्न्स्ट एंड यंग” व “ली एसोसिएट्स” को यूपीडा ने औद्योगिक गलियारा विकसित किए जाने के लिए सर्वे का कार्य सौंपा है। यूपीडा के जनसंपर्क अधिकारी दुर्गेश उपाध्याय बताते हैं कि यह दोनों कंपनियां औद्योगिक विकास के लिए क्षेत्र की पहचान करेंगी। साथ ही उपयुक्त उद्योग स्थापना का सुझाव देंगी। इससे बाजार की उपलब्धता में कोई बाधा न आ सके। लखनऊ के चांद सराय से लेकर गाजीपुर के हैदरिया तक औद्योगिक भूमि का चिह्नीकरण का कार्य चल रहा है। कंपनी की रिपोर्ट के बाद लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर में सुझाए गए स्थानों व उद्योगों पर कार्य शुरू हो जाएगा।
यह नौ जिलों को जोड़ने वाला एक्सप्रेस-वे है, लेकिन सुल्तानपुर में इसकी लंबाई 103 किमी के करीब है। पूरे एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 412 गांवों के करीब 69000 किसानों से 4357 हेक्टेयर भूमि ली गई है। इसमें जिले के 112 गांव के 20123 किसानों से 1349 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है। वहीं आजमगढ़ के 110, बाराबंकी 36, लखनऊ 14, अमेठी 18, गाजीपुर 69, मऊ 70, अंबेडकरनगर सात व अयोध्या के पांच गांवों के किसानों की भूमि निर्माण में लगी है।

# कोलकाता से दिल्ली की यात्रा होगी आसान

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे गाजीपुर के बाद 17 किमी के फोरलेन के जरिए बक्सर-वाराणसी एक्सप्रेस-वे से लिंक करेगी। बक्सर से पटना एक्सप्रेस-वे से कनेक्टिविटी होगी। इसके बाद पटना से कोलकाता एक्सप्रेस-वे का लिंक हो जाएगा। पश्चिम में 320 किमी के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे फिर 165 किमी के जमुना एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव होगा। इसी के साथ गोरखपुर-आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस-वे भी आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।

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