सुल्तानपुर : हाईकोर्ट के फैसले से शिक्षकों एवं कर्मचारियों में खुशी की लहर

सुल्तानपुर : हाईकोर्ट के फैसले से शिक्षकों एवं कर्मचारियों में खुशी की लहर

सुल्तानपुर।
मुन्नू बरनवाल
तहलका 24×7
             माननीय उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा प्रदेश में वर्ष 2006 में शासन द्वारा अनुदानित अशासकीय जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों/कर्मचारियों को “पुरानी पेंशन योजना” का लाभ देने के निर्णय का उप्र सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राम विनय सिंह ने हार्दिक स्वागत किया है। उन्होंने जनपद सुल्तानपुर से याचिका कर्ता अनन्त राज मिश्र तथा इस निर्णय से लाभान्वित होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को बधाई दी है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में संगठन के कठिन संघर्षों के बाद प्र्रदेश की तत्कालीन सरकार ने राज्य के 1000 अशासकीय मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों को अनुदान सूची में शामिल किया था जिसके फलस्वरूप जनपद के कुल 19 विद्यालय वेतन वितरण अधिनियम 1978 के अन्तर्गत लिए गए थे। इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों तथा कर्मचारियों की नियुक्ति एक अप्रैल 2005 से पूर्व हुई थी, जिसे आधार मानते हुए इन शिक्षकों को वेतन निर्धारण का लाभ भी दिया गया था।
बाद में प्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी कर इन विद्यालयों के शिक्षकों/कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने पर रोक लगा दिया था और नयी पेंशन योजना लागू कर दिया था। राज्य सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रदेश संगठन, विभिन्न जनपदों के साथ-साथ सुल्तानपुर से भी अनन्त राज मिश्र ने माननीय उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में याचिका दाखिल की थी। इन सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति इरशाद अली की एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि नई पेंशन योजना लागू होने से पूर्व याचियों की नियुक्ति विद्यालयों में हो चुकी थी लिहाजा उन्हें पर नयी पेंशन योजना का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

माननीय न्यायमूर्ति ने अपने फैसले में कहा कि याचियों व याची संघ के सभी सदस्यों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाय तथा सेवा निवृत्त हो चुके शिक्षकों और कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान किया जाय। न्यायालय ने विगत 10 मार्च को फैसला सुरक्षित कर लिया था जिस बुधवार दिनांक 16 जून को सुनाया। न्यायालय ने यह कार्रवाई चार माह में पूरी करने के लिए राज्य सरकार से कहा है। हाईकोर्ट के फैसले से शिक्षकों एवं कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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