सोंधी ब्लॉक प्रमुख चुनाव में शाहगंज विधायक की प्रतिष्ठा पर दांव पर

सोंधी ब्लॉक प्रमुख चुनाव में शाहगंज विधायक की प्रतिष्ठा पर दांव पर

# चार दशक से लगातार विधायक शैलेंद्र यादव ललई का दबदबा है कायम

खेतासराय।
अज़ीम सिद्दीकी
तहलका 24×7
                      त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समाप्त होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सकुशल सम्पन्न हो गया है। अब ब्लॉक प्रमुख का चुनाव होना है जिसके लिए तैयारी पूरी करके अधिसूचना जारी हो गई है। वहीं ब्लाक प्रमुख पद की आरक्षण सूची भी जारी हो गई है। जिससे राजनीतिक गलियारों में होने वाली हलचलों पर विराम लग गया। आरक्षण सूची जारी होते ही शाहगंज ब्लाक में प्रमुख पद के दावेदार प्रमुख की कुर्सी तक पहुंचने के लिए चुनाव में जुट गए हैं। नेता अपनी सियासी चाल चलाना शुरू कर दिए है। जोड़ तोड़कर ऊंट अपने करवट बैठाने की कोशिश कर रहे है।
पंचायती राज गठन के बाद शाहगंज ब्लाक का इतिहास उठाकर देखा जाय तो दीप नारायण सिंह पहली बार यहां के प्रमुख बने। 1973 तक लगातार वह प्रमुख पद का चुनाव जीत कर अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे। 1973 में दीप नारायण सिंह को पराजित कर ईश नारायण यादव प्रमुख बने और 23 वर्षों तक लगातार प्रमुख पद का चुनाव जीतते रहे। 1996 में पासा पलटा तो इन्द्रदेव यादव चुनाव जीतकर पांच वर्ष तक प्रमुख बने रहे। 23 जनवरी 2001 को अनवर आलम ने प्रमुख की कुर्सी संभाली। दो वर्ष बाद उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। जिसमें वह हार गए। और 19 अगस्त 2003 को मो अनस खान 10 माह 20 दिन के लिए कार्य वाहक प्रमुख बने। अविश्वास प्रस्ताव के बाद चुनाव हुआ तो 10 जुलाई 2004 को इन्द्र देव यादव दोबारा प्रमुख बने। 17 मार्च 2006 को इनका कार्यकाल खत्म हो गया।
वर्ष 2005 पंचायत चुनाव में यहां का प्रमुख पद महिला के लिए आरक्षित हो गया। पूर्व प्रमुख ईश नारायण यादव की बहू सरिता यादव 18 मार्च 2006 को प्रमुख बनी। 2010 के पंचायत चुनाव में यहां की सीट पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित हो गई। 18 मार्च 2011 को पूर्व प्रमुख इन्द्रदेव यादव की पत्नी संगीता यादव प्रमुख बनीं। लेकिन राजनीतिक खेल के आगे एक वर्ष सात माह से अधिक अपनी कुर्सी संभाल नहीं पाई। अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में वह हार गई और 20 अक्टूबर 2012 को पूर्वमंत्री व शाहगंज विधायक शैलेन्द्र यादव की भयेहू नीलम यादव प्रमुख बनीं। लगभग चार साल बाद कार्यकाल खत्म हुआ तो 2015 के पंचायत चुनाव में यहां की सीट फिर अनारक्षित हो गई और पूर्व प्रमुख ईश नारायण यादव के पुत्र मनोज कुमार यादव चुनाव जीतकर प्रमुख बने।
इस तरह से चार दशक से लगातार शाहगंज विधायक शैलेंद्र यादव का घराने के ब्लॉक प्रमुख पद पर दबदबा कायम चला आ रहा है। इस बार ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में इस बार फिर से एक तरफ शाहगंज विधायक शैलेंद्र यादव के परिवार से सरिता यादव पत्नी मनोज कुमार यादव दूसरी तरफ मंजू पत्नी अजय कुमार सिंह ने पर्चा खरीदकर दावेदारी पेश की है। इस तरह दोनों आमने- सामने होने कारण कांटे के टक्कर की लड़ाई बताई जा रही है। अब देखना होगा कि विधायक शैलेंद्र यादव चार दशक से चले आ रहे दबदबे को बचा पाते है या विरोधी उसमे सेंध लगाकर इतिहास बदल देते है अब विधायक शैलेंद्र यादव ललई की प्रतिष्ठा सोंधी ब्लॉक में दांव पर है।
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