एसडीएम पत्नी को पढ़ाई से परास्त करने की तैयारी
प्रयागराज।
तहलका 24×7
एसडीएम ज्योति मौर्य और उनके पति आलोक मौर्य एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार आलोक की नई शुरुआत खुद को साबित करने की जिद है। चर्चित ज्योति मौर्य-आलोक मौर्य विवाद कभी मीडिया में खूब रहा।लेकिन अब दोनों ने मीडिया से दूरी बना ली। रविवार को आलोक मौर्य को कानपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्यालय परीक्षा केंद्र पर आरओ/एआरओ की परीक्षा में शामिल होते देखा गया।

आलोक मौर्य की एक तस्वीर कैमरे में कैद हुई, जब वे परीक्षा केंद्र से बाहर निकल रहे थे। बिना किसी बयान के शांत अंदाज में आलोक वहां से निकले, लेकिन उनकी हाजिरी ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया। एक समय एसडीएम ज्योति मौर्य व आलोक मौर्य के बीच का निजी विवाद सार्वजनिक मंचों तक पहुंचा था। दोनों के रिश्ते की दरार और फिर गुजारा भत्ता को लेकर कानूनी लड़ाई काफी चर्चा में रही। उस वक्त आलोक मौर्य ने आरोप लगाए कि उन्होंने पत्नी की पढ़ाई और कैरियर के लिए सबकुछ किया, लेकिन बाद में धोखा मिला।

अब आलोक लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ रहे हैं, चाहे वह पीसीएस हो, आरओ/एआरओ हो या अन्य सिविल सर्विसेज।माना जा रहा है कि यह उनके आत्मसम्मान और संघर्ष की नई शुरुआत है।ज्योति मौर्य उत्तर प्रदेश में एसडीएम के पद पर हैं और एक मजबूत प्रशासनिक अधिकारी मानी जाती हैं, वहीं आलोक मौर्य पंचायती राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनका दावा था कि उन्होंने अपनी पत्नी की पढ़ाई और तैयारी में योगदान दिया।बाद में दोनों के बीच मतभेद बढ़े और मामला तलाक व गुजारा भत्ता तक पहुंच गया।

फिलहाल अब दोनों एक-दूसरे पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं कर रहे, लेकिन आलोक मौर्य का हर परीक्षा में शामिल होना एक संकेत है कि वे अब खुद को फिर से स्थापित करने के मिशन पर हैं। ज्योति मौर्य की कहानी जहां एक सफल महिला अफसर की है, वहीं आलोक मौर्य की कहानी अब ऐसे शख्स की बन रही है जो मुश्किलों के बाद भी हार नहीं मानता। आने वाले समय में कौन कहां खड़ा होता है, ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन एक बात तय है ये कहानी अब सिर्फ तलाक और विवाद की नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मसम्मान की भी बन चुकी है।








