खुशकिस्मत मां बाप के बेटों को अल्लाह ने सौंपी जिम्मेदारी: मुफ्ती शाहिद
# मदरसा बदरुल इस्लाम में दस्तारबंदी पर 15 हाफिज को बंधी पगड़ी, मांगी गई मुल्क में अमन की दुआ
शाहगंज, जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
मदरसा बदरुल इस्लाम बड़ी मस्जिद में गुरुवार को दस्तारबंदी पर 15 हाफिज ए कुरआन को पगड़ी बांधकर उन्हें हाफिज का प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर भारी संख्या में मौजूद लोगों ने देश दुनिया में अमन और शांति की दुआ की। हाफिज अब्दुल मुहैमीन ने कुरआन की तिलावत से कार्यक्रम की शुरूआत की।बतौर मुख्य अतिथि कतर के दोहा से आए मौलाना मुफ्ती मोहम्मद शाहिद ने अपनी तकरीर में कहा कि इस्लाम में हाफिज होने का बहुत बड़ा मर्तबा है।

खुशनसीब हैं वो मां बाप जो अपनी गोद में पालने वाले बच्चों को अल्लाह पाक ने अपनी जिम्मेदारी सौंपी। नाम के साथ हाफिज लगना अल्लाह का प्यारा नाम जुड़ना है। उन्होंने कहा अपने बच्चों को डाक्टर, इंजीनियर, आईएएस अधिकारी बनाना जरूरी है, जो लोगों के काम आ सके। लेकिन उससे पहले उन्हें मजहब की तालीम देकर नेक इंसान बनाना भी बेहद जरूरी है। मदरसा के नाजिम मौलाना साकिब खान कासिमी ने अपनी तकरीर में मदरसे में दी जा रही शिक्षा के बाबत जानकारी देते हुए हाफिजों को दुआएं दी।

दस्तारबंदी के मौके पर मो. आदिल, मो. नदीम, मो. अज़लान, मो. वामिक, मो. यहिया, मो. कैफ, मो. कलीम, मो. उमैर, मो. माज, मो. उस्मान, मो. काशिफ, मो. यूसुफ, अब्दुर्रब, मो. शारिक और अल्तमस को पगड़ी पहनाकर हाफिज का प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर मदरसा के विद्यार्थियों ने नात ए पाक और कुरआन की तिलावत पढ़कर माहौल को बनाने का काम किया। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहकर दुआ मांगी।








