गांव का लाल बना वैज्ञानिक, गांव में खुशी
पिंडरा, वाराणसी।
नितेश गुप्ता
तहलका 24×7
गांव से निकलकर एक छात्र साइंटिस्ट बनकर देश की सेवा करेगा। ऐसा ही कुछ कारनामा कर दिखाया गांव के सामान्य परिवार का छात्र।जगदीशपुर के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे समीर श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत और लगन से देश के प्रतिष्ठित सेंटर फॉर मशीन इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस आईआईटी बॉम्बे में डेटा साइंटीस्ट के पद पर चयनित होकर गांव, जिले और परिवार का नाम रोशन किया।

समीर श्रीवास्तव के पिता मनोज श्रीवास्तव अधिवक्ता हैं। समीर ने अपनी शुरुआती शिक्षा हाईस्कूल नेशनल इंटर कॉलेज पिंडरा तथा बारहवीं की पढ़ाई यूपी कॉलेज वाराणसी से की। इसके बाद बीटेक गलगोटिया कॉलेज ग्रेटर नोएडा और एमटेक रामकृष्ण परमहंस टेक्नोलॉजी कोलकाता से की।कड़ी मेहनत के बाद डेटा साइंटीस्ट पद पर चयनित हुआ।

सेंटर फॉर मशीन इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस आईआईटी बॉम्बे महाराष्ट्र में 20 जनवरी को ज्वाइन किया।समीर ने अपनी सफलता का श्रेय माता सुषमा श्रीवास्तव और पिता मनोज कुमार श्रीवास्तव को दिया। समीर की इस उपलब्धि से परिजनों के अलावा ग्रामीणों में ख़ुशी की लहर दिखी।








