रिश्वत मांगने और जमीन छीने जाने से आहत किसान ने की आत्महत्या
# आठ नामजद पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज
हरदोई।
तहलका 24×7
चकबंदी के दौरान रिश्वत मांगने और पुश्तैनी जमीन छीने जाने से आहत एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।मृतक के पिता की तहरीर पर उपसंचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी, लेखपाल समेत आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया।जानकारी के अनुसार राजू के पास पुरखों से मिली थोड़ी सी खेती की जमीन थी, जिससे उसके परिवार का भरण पोषण होता था।

बताया गया कि जमीन अच्छी जगह स्थित होने के कारण गांव के कुछ लोगों की उस पर नजर पड़ गई। इसके बाद साजिश के तहत चकबंदी प्रक्रिया में राजू की जमीन को लेकर विवाद खड़ा कर दिया गया। आरोप है कि चकबंदी के दौरान अधिकारियों ने जमीन उसी स्थान पर बनाए रखने के लिए राजू से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

आर्थिक रुप से कमजोर राजू यह रकम नहीं दे सका, जिसके बाद उसकी पुश्तैनी जमीन गांव के ही तेजराम को आवंटित कर दी गई।राजू को दूसरी जगह जमीन देने की बात कही गई, जिसका उसने विरोध किया।राजू लगातार अधिकारियों से गुहार लगाता रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि इसी बीच तेजराम, रामकृष्ण, पप्पू, विश्वनाथ और रामवीर ने उसके साथ मारपीट की। इससे मानसिक रुप से टूट चुके राजू को जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उसने खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। राजू के पिता की शिकायत पर पुलिस ने उपसंचालक चकबंदी, बंदोबस्त अधिकारी, लेखपाल सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।








