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Monday, February 16, 2026

लैंड फॉर जॉब: लालू-राबड़ी ने खुद को बताया बेगुनाह, कहा- ट्रायल के लिए तैयार

लैंड फॉर जॉब: लालू-राबड़ी ने खुद को बताया बेगुनाह, कहा- ट्रायल के लिए तैयार

पटना।
तहलका 24×7.                                                             जमीन के बदले नौकरी मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए।इस दौरान उनके खिलाफ औपचारिक रुप से आरोप तय हुए। लालू-राबड़ी ने इस मामले में खुद को बेकसूर बताया है। उन्होंने कहा कि वे ट्रायल का सामना करेंगे। यह मामला उम्मीदवारों को जमीन के बदले रेलवे ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के कथित अपराध से जुड़ा है।

स्पेशल जज विशाल गोगने ने मामले में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय किए। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक कोई आदेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की इजाजत नहीं देता, तब तक आरोपियों को खुद पेश होना होगा। मीसा भारती ने कहा, कोर्ट ने उनकी उम्र और सेहत को देखते हुए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने के लिए कहा है। 9 जनवरी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी स्कैम केस में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का निर्देश दिया था।

आरोप तय करने का निर्देश देते हुए स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने कहा था पहली नजर में, लालू प्रसाद यादव ने सरकारी नौकरियों का इस्तेमाल अपने परिवार के सदस्यों के जरिए नौकरी चाहने वालों से अचल संपत्ति हासिल करने के लिए किया था। कोर्ट ने आगे कहा था लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने एक सिंडिकेट की तरह काम किया। कोर्ट ने चीफ पर्सनल ऑफिसर और रेलवे अधिकारियों समेत 52 आरोपियों को बरी कर दिया।कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों की मौत हो गई। सीबीआई ने 103 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, धोखाधड़ी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत अपराधों के लिए आरोप तय किए गए थे।स्पेशल जज ने कहा चार्जशीट में नौकरी के बदले जमीन हासिल करने को साफ तौर पर दिखाया गया है।बहस के दौरान लालू प्रसाद यादव की तरफ से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि नौकरी के बदले जमीन का मामला राजनीति से प्रेरित है।उन्होंने कहा इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उम्मीदवारों को जमीन के बदले नौकरी दी गई थी।

सेल डीड हैं, जिनसे पता चलता है कि जमीन पैसे लेकर खरीदी गई थी। उन्होंने आगे कहा पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किसी भी उम्मीदवार के लिए कोई सिफारिश नहीं की थी। किसी भी जनरल मैनेजर ने यह नहीं कहा है कि वह कभी लालू प्रसाद यादव से मिले थे। कोई सबूत यह नहीं दिखाता कि बिना मुआवजे के कोई जमीन ली गई थी या जमीन खरीदी गई थी। इससे पहले राबड़ी देवी की तरफ से बहस के दौरान यह कहा गया था कि राबड़ी देवी ने जमीन खरीदी और उसके लिए पैसे दिए।

पैसे लेकर जमीन खरीदना कोई जुर्म नहीं है। किसी भी आरोपी उम्मीदवार को कोई फायदा नहीं पहुंचाया गया। ये लेन-देन जुड़े नहीं हैं।स्पेशल जज ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव, तेजस्वी प्रसाद यादव, तेज प्रताप यादव, भोला यादव, आरके महाजन और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के कॉमन चार्ज लगाने का निर्देश दिया था।

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