शाकाहार ही मानवता का मार्ग: पंकज महाराज
खेतासराय, जौनपुर।
डॉ. सुरेश कुमार
तहलका 24×7
122 दिवसीय शाकाहार सदाचार जनजागरण यात्रा अपने 114वें पड़ाव पर मनेछा गांव पहुंची, जहां ग्रामवासियों तथा अरवल बिहार से आए श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे व फूल मालाओं एवं दीप प्रज्वलित कलशों के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान सत्संग में संत पंकज महाराज ने मानव जीवन की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि मानव शरीर को महात्माओं ने सुर दुर्लभ बताया है, ऐसा शरीर जिसमें प्रभु का दिव्य अंश विद्यमान रहता है। संत-महात्माओं के कथनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भीतर की दिव्य ध्वनि और प्रकाश का अनुभव केवल पूर्ण सतगुरु की कृपा से ही संभव है। महाराज ने सुमिरन, ध्यान और भजन की क्रिया को जीवन का वास्तविक मार्ग बताते हुए कहा कि यह साधना पूर्ण सत्य है, जिसे अपनाने पर स्वयं अनुभव होने लगता है। उन्होंने कहा कि गुरु प्राप्ति से मनुष्य के जीवन में ऐसा बदलाव आता है जैसा वाल्मीकि से ब्रह्म समान होने तक वर्णित है।

संत पंकज महाराज ने शाकाहार को मानव शरीर का स्वाभाविक आहार बताते हुए कहा कि शरीर किसी कब्रिस्तान का स्थान नहीं, जिसमें मृत पशु पक्षियों का मांस डाला जाए। उन्होंने कहा कि मृत देह को घर में रखने से लोग घबराते हैं, ऐसे में पेट में मृत शरीर डालना भी अनुचित है। उन्होंने उपस्थितजनों से आग्रह किया कि वे स्वयं भी शाकाहार अपनाएं और अपने बच्चों को भी इसी मार्ग पर प्रेरित करें। नशीले पदार्थों से दूरी बनाने की विशेष अपील भी की। अरज़ी हमारी है, मर्ज़ी आपकी कहते हुए उन्होंने लोगों से संयमित, सदाचारपूर्ण जीवन जीने का संदेश दिया।

महाराज ने आगामी 28 नवम्बर से 2 दिसम्बर तक जय गुरुदेव आश्रम मथुरा में आयोजित पूज्यपाद दादा गुरु महाराज के 77वें भंडारे में सभी प्रेमियों को शामिल होने का आमंत्रण दिया। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा।इस अवसर पर ऋषिदेव श्रीवास्तव, दलसिंगार, राकेश वर्मा, वीरेंद्र यादव, राणा प्रताप सिंह, लल्लन, मास्टर अशोक, श्रीपति, महेश प्रसाद केशरी, मोहित प्रजापति सहित अनेक स्थानीय एवं बाहरी श्रद्धालु उपस्थित रहे।








