आसमान तक पहुंची जिले की बेटी, गांव में छोड़ गई सन्नाटा
# जनपद की बिटिया पिंकी माली की मौत से भैंसा गांव शोक में डूबा
जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
केराकत तहसील के भैंसा गांव की पिंकी माली ने जिस आसमान को अपने करियर का रास्ता बनाया, वही आसमान उनके जीवन की अंतिम यात्रा का गवाह बन गया। महाराष्ट्र में हुए एक विमान हादसे में फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली के निधन की सूचना के बाद पूरा गांव गहरे शोक में डूबा हुआ है।करीब छह वर्षों से विमानन क्षेत्र में कार्यरत पिंकी माली ने सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को पंख दिए थे।

गांव की एक साधारण बेटी से लेकर कॉरपोरेट एविएशन में पहचान बनाने तक का उनका सफर आज कई युवतियों के लिए प्रेरणा बन गया है, भले ही वह अधूरा रह गया। हादसे की खबर मिलते ही भैंसा गांव में चूल्हे ठंडे पड़ गए। जिन गलियों से कभी पिंकी की हंसी गूंजती थी, वहां आज खामोशी पसरी है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं रिश्तेदार और परिचित ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिंकी मेहनती, अनुशासित और अपने काम के प्रति बेहद समर्पित थीं। गांव की कई लड़कियां आज भी उन्हें अपना रोल मॉडल मानती हैं। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन सपनों का टूटना है जो छोटे कस्बों और गांवों से उड़ान भरते हैं। क्षेत्रीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं सरकार से विमानन सुरक्षा मानकों की गहन समीक्षा की मांग की है।








