कार से सवा पांच लाख रुपए व 60 किलो गांजा बरामद, सिपाही सहित 5 गिरफ्तार
सोनभद्र।
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उत्तर प्रदेश में कानून के रक्षक भी स्मगलिंग में शामिल होने लगे हैं। तस्करों को पकड़ने के बजाए खुद उनको सहयोग किया जा रहा। सोनभद्र पुलिस और एसओजी ने गांजा तस्करी के नेटवर्क में शामिल यूपी पुलिस के एक सिपाही समेत 5 लोगों को दबोच लिया। गांजा तस्करी का नेटवर्क चलाने वाला यूपी पुलिस का सिपाही सुनील कुमार यादव वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में तैनात है।

पुलिस ने बताया कि उनके पास से 60 किलोग्राम गांजा 5,25,000 रुपये की कुल नगदी, मोबाइल फोन और दो स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की गई है। बता दें कि यूपी पुलिस में तैनात सिपाही सुनील यादव और सूरज सोनी कार से गांजा की खेप ट्रांसफर कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 60 किलोग्राम गांजा बरामद किया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया यह सभी लोग छत्तीसगढ़ से गंजा लाकर यूपी में सप्लाई करते हैं, इनके बारे में और पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि 27 तारीख की रात लगभग 10.30 बजे सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई।

मौके से 5 लाख 25 हजार रुपये नकद और 7 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। बरामद वाहनों में गाड़ी से 40 किलोग्राम गांजा मिला, जबकि दूसरे से 20 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार किए गए 5 अभियुक्तों में सुनील कुमार यादव नामक एक व्यक्ति भी शामिल है, जो वर्तमान में सुल्तानपुर पुलिस में आरक्षी के पद पर कार्यरत है।पूछताछ में पता चला कि सुनील कुमार यादव पहले भी 2018 में पुलिस सेवा से बर्खास्त हो चुका था, लेकिन बाद में कोर्ट के माध्यम से बहाल हुआ।

वह सूरज कुमार सोनी के साथ गांजा लेने आया था, गिरफ्तार किए गए अन्य अभियुक्तों में सूरज कुमार सोनी, भास्कर, शुभम और लकी यादव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।सूरज कुमार सोनी पर अकेले सुल्तानपुर, अमेठी और प्रतापगढ़ जनपदों में लगभग 21 मुकदमे दर्ज हैं।कुछ अभियुक्तों पर हत्या जैसे गंभीर धाराओं पर केस दर्ज हैं।पुलिस ने बताया कि ये सभी आदतन अपराधी हैं।सुनील कुमार यादव के संबंध में सुल्तानपुर के एसपी को पत्र लिखा गया है।

इसके अतिरिक्त अन्य अभियुक्तों के आपराधिक रिकॉर्ड और हिस्ट्रीशीट खोलने के लिए संबंधित जनपदों को भी सूचित किया गया है ताकि उन पर निगरानी रखी जा सके, पुलिस टीम को 10,000 रुपये का पुरस्कार दिया जा रहा है। एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह गिरोह लखनऊ, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और दिल्ली तक गांजे की सप्लाई करता है। कुछ ऐसे व्यक्ति भी हैं जो ट्रेनों के माध्यम से ओडिशा से गांजा लाते हैं। पुलिस एक बड़े सप्लायर की तलाश में जुटी है।








