तत्काल बुकिंग में कैंसिल टिकटों से रेलवे को करोड़ों का मुनाफा
# नो रिफंड’ पॉलिसी के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका
मुंबई।
तहलका 24×7
बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया है कि रेलवे प्रशासन तत्काल टिकट बुकिंग में आम यात्रियों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है। इस याचिका में आरोप लगाया गया कि जब तत्काल में बुक किया गया टिकट कैंसिल किया जाता है तो रेलवे उसी टिकट को उसी कीमत पर किसी और को बेचकर टिकट का दोगुना पैसा कमाता है।

वकील सचिन तिवारी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग सेवा में ‘नो रिफंड’ पॉलिसी मनमानी और अवैध है। अगर तत्काल में बुक किया गया टिकट किसी जरुरी वजह से कैंसल करना पड़े तो उपभोक्ता को एक भी रुपया रिफंड न करना सही नहीं है। क्योंकि रेलवे प्रशासन तुरंत वही टिकट उसी कीमत पर इंतजार कर रहे दूसरे पैसेंजर को बेच देता है।

यानी एक टिकट को दो बार बेचने पर रेलवे प्रशासन को दोगुना लाभ होता है। इसलिए तत्काल में टिकट कैंसल करने से सिर्फ रेलवे प्रशासन को फायदा होता है और उपभोक्ता को नुकसान होता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बुक किए गए टिकट को कैंसिल करते समय पूरा पैसा काट लेना भारतीय संविधान के आर्टिकल 24 (समानता का अधिकार) और आर्टिकल 21 (जीवन का अधिकार) के मौलिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से पता चला है कि सिर्फ कैंसल की गई बुकिंग से ही करोड़ों रुपये का मुनाफ़ा होता है।

साल 2022 में रेलवे ने वेटिंग लिस्ट में कैंसिल टिकटों से 887 करोड़ रुपये कमाए थे। 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,042 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। यह जानकारी इस याचिका में दी गई है। अगर रेलवे प्रशासन कैंसल किए गए टिकट को उसी कीमत पर किसी और को बेचता है तो इसे खरीदने वाले पहले ग्राहक को बुकिंग राशि का कुछ हिस्सा वापस मांगने का पूरा अधिकार है। तत्काल में ग्राहक जल्दी में बुकिंग करता है, क्योंकि उसके लिए यात्रा करना जरुरी और अनिवार्य होता है।

इसके अलावा अगर उसे किसी जरुरी वजह से सही समय पर टिकट बुक करना है, तो उसे इतना बड़ा नुकसान क्यों उठाना पड़े?इसलिए अगर परिवार में किसी की मौत या किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से बुकिंग कैंसिल करनी पड़ती है तो टिकट का पूरा पैसा वापस करने का इंतजाम किया जाना चाहिए। साथ ही रेलवे प्रशासन को इन कैंसल बुकिंग से हुए मुनाफे को बताना चाहिए, ताकि लोगों को सही जानकारी मिल सके। सचिन तिवारी की याचिका पर जल्द ही हाईकोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद है।








