पिछले एक दशक में 25 करोड़ नागरिक गरीबी से बाहर आए: राष्ट्रपति मुर्मू
नई दिल्ली।
तहलका 24×7
संसद का बजट सत्र से शुरु हो गया। लोकसभा के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति मुर्मू ने सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से बताया। विकसित भारत-जी राम जी कानून 2025 का भी जिक्र किया। जिसका राजग के सांसदों ने स्वागत किया, वहीं विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया।

बता दें कि भारत का आर्थिक सर्वे 29 जनवरी को पेश किया जाएगा, जिसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के द्वारा तैयार आर्थिक सर्वे 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के लिए इकोनॉमी की स्थिति और अलग-अलग मानकों के साथ अगले वित्त वर्ष के बारे में जानकारी देता है। यह सत्र 65 दिनों में 30 मीटिंग तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। दोनों सदन 13 फरवरी को ब्रेक के लिए बंद हो जाएंगे और 9 मार्च को फिर से शुरू होंगे, ताकि स्टैंडिंग कमेटियां अलग-अलग मंत्रालय और विभागों के अनुदान की मांगों की जांच कर सकें।

लोकसभा में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के एक विमान दुर्घटना में असमय निधन पर शोक जताया गया। इस दौरान दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति की कामना की गई।अजित पवार महाराष्ट्र के बारामती संसदीय क्षेत्र से 10वीं लोक सभा के सदस्य भी रहे। लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘मेरी सरकार की पॉलिसी के हिसाब से सुरक्षा बलों ने माओवादी आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।

सालों से देश के 126 जिलों में डर और अविश्वास था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया। इसका सबसे ज़्यादा नुकसान युवाओं, आदिवासियों और दलितों को हुआ। आज, माओवादी आतंक की चुनौती सिर्फ 8 जिलों तक ही सीमित है। इनमें से 3 जिले ऐसे हैं जो गंभीर रुप से प्रभावित हैं। इस एक साल में माओवादियों से जुड़े लगभग 2000 लोगों ने सरेंडर किया है। इससे लाखों नागरिकों की जिंदगी में शांति लौट आई है। वह दिन दूर नहीं जब हमारे देश से माओवादी आतंक पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा मेरी सरकार की विकासशील सोच और नीति की वजह से देश के हर बड़े एरिया में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। इसी दिशा में कुछ महीने पहले देश ने एक और बड़ा मील का पत्थर हासिल किया जब नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ। इससे यह भरोसा और पक्का हुआ है कि देश के डेवलपमेंट और एम्पावरमेंट में ‘नारी शक्ति’ सबसे पहले आती है।








