सऊदी से आए बेटे का शव देख मां ने तोड़ा दम, दोनों को एक साथ किया गया सुपुर्द-ए-खाक
बक्सर।
तहलका 24×7
बिहार के बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के खरगपुरा गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने इलाके को मातम में डुबो दिया। नूर हसन अंसारी के बेटे इमामुल हसन का शव जैसे ही सऊदी अरब से उनके घर पहुंचा, मां आसिया खातून ने बेटे का चेहरा देखते ही दम तोड़ दिया।जानकारी के अनुसार इमामुल हसन अपने जुड़वां भाई एजाजुल हसन के साथ तीन महीने पहले सऊदी अरब गया था।

वहां 20 दिन पहले एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रुप से घायल हो गया, अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उसका शव गांव पहुंचा। इमामुल के मौत की खबर से मां आसिया खातून पूरी तरह टूट चुकी थीं। वह पहले से ही कैंसर से पीड़ित थीं और अपने बेटे की खबर सुनने के बाद वो मानसिक और शारीरिक रुप से और भी बीमार हो गईं। परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें वाराणसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। इस दौरान वह बार-बार यही कहती थीं, बस एक बार बेटे का चेहरा देख लूं।

उनकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए परिजन उन्हें अस्पताल से गांव लेकर आए थे।चौसा के पूर्व जिला परिषद सदस्य मनोज यादव ने बताया कि जब इमामुल का शव गांव पहुंचा तो कैंसर से पीड़ित मां आसिया खातून को बेटे के आखिरी दीदार के लिएंडर अस्पताल से घर लाया गया। जैसे ही उन्होंने अपने बेटे का चेहरा देखा, उनका सब्र टूट गया और वह बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ीं। कुछ ही मिनटों में उनकी सांसें थम गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेटे की मौत का सदमा आसिया खातून सहन नहीं कर पाईं।

वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसएन सिंह के अनुसार आसिया की मौत का कारण हार्ट अटैक था, जो बेटे की मौत के सदमे से उत्पन्न हुआ। घटना के बाद गांव में एक साथ दो जनाजे उठे।इमामुल हसन और उनकी मां आसिया खातून का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया। इस दौरान परिजनों की आंखें नम रही। वहीं आसपास के गांवों से भी सैकड़ों लोग खरगपुरा पहुंचे थे।








