महिला पार्षद मृत घोषित, केवाईसी से सामने आई लापरवाही
गया।
तहलका 24×7
बिहार के गयाजी नगर निगम के वार्ड संख्या 34 से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया। यहां की महिला वार्ड पार्षद को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया।केवाईसी अपडेट के दौरान मामला सामने आया है।पार्षद ने इसे गंभीर लापरवाही का मामला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।महिला वार्ड सदस्य प्रतिदिन अपने वार्ड के कार्यों में लगी रहती हैं और निगम के सरकारी कामकाज के लिए अपने हस्ताक्षर भी रोज करती हैं।

वहीं प्रखंड कार्यालय की लापरवाही का आलम देखिए कि जीवित वार्ड सदस्य को मृत घोषित कर दिया। अब वार्ड संख्या 34 की पार्षद शीला देवी प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रही हैं, ताकि प्रखंड कार्यालय के अधिकारी उन्हें जीवित माने। मामला तब उजागर हुआ जब शीला देवी का विधवा पेंशन बंद हो गया। शीला ने बताया कि पति की मौत के बाद वह विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं, लेकिन जब विधवा पेंशन की राशि बैंक खाता में आना अचानक बंद हो गई तब वह कार्यालय पहुंची लेकिन वहां से उन्हें संतोषजनक कोई जवाब नहीं मिला।

पीड़िता ने कहा मामला सिर्फ पेंशन बंद होने का नहीं है, बल्कि हमारे अस्तित्व को ही खत्म करने का है। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। शीला देवी के पुत्र और पार्षद प्रतिनिधि ओम यादव ने बताया कि मृत घोषित होने की बात सुनकर उनकी मां भी हैरान रह गई। कार्यालय जब गए तो वहां केवाईसी करने की बात बताई गई। कार्यालय में यह नहीं बताया गया कि आप मृत घोषित हो चुकी हैं। जब विधवा पेंशन का लाभ लेने के लिए अपनी मां को लेकर केवाईसी करने पहुंचा तो वहां मौजूद सभी कर्मचारियों की बातों को सुनकर होश उड़ गए।

हमें बताया गया कि विधवा पेंशन की राशि बंद करने का कारण जांच रिपोर्ट में लाभार्थी की मृत्यु होना अंकित है।
पार्षद ने जिलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मांग की कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। सिस्टम और पोर्टल की गड़बड़ी को भी देखा जाए। हम कोई आम घरेलू महिला नहीं थे कि मेरे बारे में जानने में परेशानी होती। हम तो प्रतिदिन अपने वार्ड में कार्य करते हैं। मेरे घर पर आए बिना जांच कैसे हुई? पूरी जांच होनी चाहिए ताकि आगे किसी और के साथ ऐसा भद्दा मजाक नहीं हो।








