इंडियन बैंक में घोटाले का खुलासा, मैनेजर, कैशियर ब्याज पर देते थे ग्राहकों का पैसा
फिरोजाबाद।
तहलका 24×7
जिले में इंडियन बैंक की जसराना शाखा में हुए एक करोड़ 86 लख रुपए गबन के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने तत्कालीन कैशियर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गबन के पीछे की जो कहानी है, वह बड़ी चौंकाने वाली है। पुलिस के मुताबिक बैंक के तत्कालीन मैनेजर और कैशियर कुछ खाता धारकों की मदद से पैसे को ब्याज पर देते थे। इस पैसे को कई बड़े ठेकेदार लेते थे और ब्याज का पैसा बैंक मैनेजर व कैशियर अपनी जेब में रख रहे थे।

अपर पुलिस अधीक्षक देहात अखिलेश भदोरिया ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 27 मार्च को इंडियन बैंक के अंचल प्रमुख तरुण कुमार बिश्नोई ने बैंक शाखा के तत्कालीन मैनेजर राघवेंद्र सिंह और तत्कालीन कैशियर जय प्रकाश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में अंचल प्रमुख ने बताया था कि राघवेंद्र सिंह और जय प्रकाश सिंह ने अपने पद पर रहते हुए धोखाधड़ी कर एक करोड़ 85 लाख 97 हजार 900 रुपये का गबन कर लिया है। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जब छानबीन की तो मामला सामने आया कि बैंक के 91 खाता धारकों से धोखाधड़ी हुई है।

पूरे गैंग में बैंक मैनेजर राघवेंद्र और कैशियर जय प्रकाश के अलावा खाताधारक आकाश मिश्रा, सौमिल सुखदेव, वीर बहादुर, नीलेश भी शामिल हैं। खाता धारक जो पैसा जमा करते थे, मैनेजर और कैशियर ग्राहकों को तो मोहर लगाकर पर्ची दे देते थे, लेकिन उस पैसे को वास्तविक खातों की बजाय अन्य खातों में जमा कर दिया जाता था। इस पैसे को बड़े-बड़े ठेकेदारों को ब्याज पर दे दिया जाता था। ठेकेदार से मोटी ब्याज वसूलते थे। इस तरह पूरा संगठित गैंग योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था।

एएसपी ने बताया कि इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कैशियर जयप्रकाश के अलावा खाताधारक आकाश मिश्रा, वीर बहादुर, ठेकेदार प्रवीण कुमार और कुमारपाल शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मामले की पूरी गहन जांच पड़ताल की जा रही है। इसमें जिन दोषियों के नाम प्रकाश में आएंगे उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।








