ईडी को सुप्रीम हिदायत, कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा
नई दिल्ली।
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साल 2022 में शीर्ष अदालत ने अपने एक फैसले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती की ईडी की शक्तियों को बरकरार रखा था। इसी फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि ये याचिकाएं विचार करने योग्य नहीं हैं।

उन्होंने दलील दी कि‘बदमाशों’के पास बहुत सारे साधन हैं, जबकि जांच अधिकारी के पास उतने साधन नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि इन याचिकाओं के जरिए जांच में देरी करने की कोशिश की जाती है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में ईडी से कहा, आप बदमाश की तरह काम नहीं कर सकते। आपको कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा। कानून लागू करने और कानून का उल्लंघन करने में अंतर होता है।








