ईरान से लंबा सफर तय कर भारत लौटीं फरीदा
# जायरीनों का जत्था ट्रेन, बस और फ्लाइट से होते पहुंचा लखनऊ, दुबई में घंटों फंसे
शाहगंज, जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
ईरान-इजराइल में जारी युद्ध के बीच फंसे जायरीनों का जत्था शनिवार तड़के भारत लौटा। शाहपंजा मोहल्ला निवासी फरीदा सरवत भी उसी जत्थे में शामिल थीं। उन्होंने बताया कि ईरान में चारों ओर धमाकों की आवाजें गूंज रही थीं और माहौल बेहद भयावह था। कई बार बम गिरने की आवाज इतनी पास से आई कि दिल दहल उठा।

फरीदा 24 मई को जायरीनों के दल के साथ ईरान गई थीं। उनके साथ रिश्तेदार व परिचितों में जौनपुर की सीमा, तहरीर, फिजा और अयोध्या के फैजाबाद निवासी शाहीन फातिमा आदि शामिल थीं। उन्होंने बताया कि ईरान से इराक की यात्रा बस से की गई। वहां से फ्लाइट के जरिए दुबई पहुंचा गया, जहां वीजा मिलने के बाद भारत लौटने की कोशिश की गई। लेकिन सीधी फ्लाइट न मिलने से दुबई में घंटों फंसे रहना पड़ा।

शनिवार को तड़के तीन बजे जब जत्था लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचा तो सभी ने राहत की सांस ली। फरीदा ने बताया कि एक सप्ताह तक वे मानसिक तनाव, डर और असमंजस की स्थिति में रहीं। उन्होंने बताया कि हर पल ऐसा लगता था कि कोई धमाका नजदीक हो रहा है। रातें जागते और दिन दुआ करते हुए बीते।

फरीदा की ससुराल आजमगढ़ जनपद के तोवां गांव में है। उन्होंने बताया कि खराब नेटवर्क, सीमित संपर्क और अस्थिर हालातों के कारण परिजनों की चिंता बढ़ गई थी। जब वह अपने वतन लौटीं, तो घरवालों की आंखों में खुशी के आंसू और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।








