केंद्रीय बजट से यूपी को बड़ी उम्मीदें
# मेट्रो, हाइवे और डिफेंस कॉरिडोर के लिए विशेष पैकेज की मांग
लखनऊ।
तहलका 24×7
1 फरवरी को केंद्रीय बजट संसद में पेश होगा। इस बजट से उत्तर प्रदेश को बड़ी उम्मीदें है। लखनऊ मेट्रो के नए प्रोजेक्ट, हाइवे के अलावा बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर के लिए विशेष पैकेज केंद्र सरकार की ओर से मिल सकता है। कई अन्य इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल पार्क को भी हरी झंडी दी जा सकती है।इस बजट से उत्तर प्रदेश के लोगों को बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। केंद्र से अच्छी घोषणाओं की आस लगाए बैठे हैं।

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही आबादी भी यहां की अन्य राज्यों से ज्यादा है, इस कारण यहां सड़क, रेल और मेट्रो जैसी सुविधाओं की जरूरत है। पिछले कुछ सालों में यूपी ने एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर और डिफेंस सेक्टर में अच्छी प्रगति की है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबित राज्य को बीमारू से ग्रोथ इंजन बनाने का लक्ष्य रखा है। इसलिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के आम बजट से बहुत उम्मीद है। उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनने की ओर प्रयासरत है।

ऐसे में इस बार का बजट बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। उम्मीद करते हैं कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने में केंद्र सरकार से पूरी मदद मिलेगी।वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में यूपी को और मजबूत बनाने के लिए कई मांगें रखी गई हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से मेट्रो विस्तार के लिए करीब 32,075 करोड़ रुपये की मांग की है।लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज में नए कॉरिडोर बन रहे हैं।हाल ही में पांच एलिवेटेड स्टेशनों के लिए 493 करोड़ का टेंडर भी जारी हुआ है।

अगर बजट में अच्छी राशि मिली तो लखनऊ के अलावा कानपुर, आगरा, वाराणसी, गाजियाबाद के अलावा अन्य शहरों में मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा। राज्य में कई नए रेल लाइन, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार और फ्रेट कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है। इससे पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। नए रेलवे स्टेशन, डबल ट्रैक और हाई-स्पीड लाइनें राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी।बजट में हाइवे और एक्सप्रेसवे पर भी नजरे टिकी हैं।

उत्तर प्रदेश में पहले से ही कई एक्सप्रेसवे जैसे पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे हैं। 2026 तक राज्य में 2,600 किलोमीटर से ज्यादा एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लक्ष्य है। हाल ही में छह नए उत्तर-दक्षिण हाईवे कॉरिडोर को मंजूरी मिली है। केंद्रीय बजट में एनएचएआई के तहत नए हाइवे प्रोजेक्ट्स और फंडिंग की घोषणा हो सकती है। इससे दिल्ली-यूपी-बिहार और अन्य राज्यों के बीच यात्रा आसान होगी।

आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ के प्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि बजट 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। सड़क, रेल और मेट्रो के लिए 10-15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे उत्तर प्रदेश तेजी से विकसित होगा। आम लोगों को बेहतर सड़कें, तेज ट्रेनें और मेट्रो जैसी सुविधाएं मिलेंगी। 1 फरवरी को वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर यूपी के प्रोजेक्ट्स को अच्छा बजट मिला तो राज्य की तस्वीर बदल जाएगी। विकास की रफ्तार बढ़ेगी और युवाओं को ज्यादा मौके मिलेंगे। यूपी अब भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनने की ओर बढ़ रहा है।








