कोर्ट में सुनवाई के दौरान बुजुर्ग ने जज पर फेंकी जूतों की माला, फैसले से था नाराज
इंदौर।
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जिला न्यायालय की कोर्ट रूम नंबर 40 में उस वक्त हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब जमीन संबंधी प्रकरण खारिज करते ही पक्षकार ने एडीजे विजय कुमार डांगी पर जूते की माला फेंक दी। जैसे ही जूते डायस पर गिरे, कोर्ट रूम में मौजूद वकीलों ने आरोपित को पकड़ लिया। वकीलों ने पहले तो उसकी पिटाई की, फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

इस दौरान कवरेज कर रहे मीडियाकर्मी भी मारपीट का शिकार हो गए। एमजी रोड थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है। आरोपित और उसका बेटा पहले से तय हंगामे की तैयारी करके आए थे। उनकी मंशा इस घटनाक्रम का वीडियो बनाकर उसे बहुप्रसारित करने की थी।आजाद नगर स्थित कोहिनूर कालोनी मस्जिद के रास्ते को लेकर सलीम और शाहिद के बीच वर्ष 2012 से ही न्यायालय में प्रकरण चल रहा था।

मंगलवार को यह प्रकरण फैसले के लिए नियत था। दोपहर बाद एडीजे डांगी ने जैसे ही प्रकरण खारिज किया, आरोपित सलीम गुस्से से खड़ा हुआ और जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि उसके साथ न्याय नहीं हुआ है।न्यायाधीश डांगी ने उसे समझाया कि न्यायालय ने गुणदोष के आधार पर फैसला सुनाया है। तुम चाहो तो इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अपील कर सकते हो। इस बीच सलीम ने गमछे में बांधकर लाए जूते की माला निकालकर जज की तरफ फेंक दी।

जूते जैसे ही जज की टेबल पर बैठे न्यायाधीश के सामने गिरे, वे हड़बड़ा गए।इस घटना के बाद सलीम के साथ आया उसका दिव्यांग बेटा रईस मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगा। वकीलों ने उसे ऐसा करते देखा तो रोका। इस पर सलीम जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि मेरे साथ अन्याय हुआ है, मेरा बेटा इसका वीडियो बनाएगा। तुम उसे रोक नहीं सकते। हम इसे आगे भेजेंगे।

इसके पहले भी इंदौर जिला न्यायालय में ऐसे घटनाक्रम हो चुके हैं। अधिवक्ताओं के मुताबिक करीब 30 वर्ष पहले जिला न्यायालय में न्यायाधीश सूत्रकार के कोर्ट में जूते फेंकने की घटना हो चुकी है। वहीं करीब 20 वर्ष पहले ऐसी ही घटना न्यायाधीश क्षोत्रिय के कोर्ट में हुई थी।

मामले में सेंट्रल कोतवाली एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि कोहिनूर कॉलोनी आजाद नगर के रहने वाले 78 साल के बुजुर्ग मो. सलीम ने जमीन अतिक्रमण मामले में उनके पक्ष में फैसला न आने पर न्यायाधीश के ऊपर जूतों की माला फेंक दी। बुजुर्ग गमछे में छिपाकर 3-4 जूतों की माला लेकर आया था और मौका पाते ही फेंक दिया। एसीपी ने बताया कि न्यायालय की तरफ से शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।








