चांद के दीदार के साथ ही पाक रमजान महीने का हुआ आगाज
# सहरी कर रोजेदारों ने की रोजे की शुरुआत, बाजारों में बढ़ी रौनक और इबादत का माहौल
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7. मुस्लिम समुदाय के लिए बरकत, रहमत और मगफिरत का महीना माह-ए-रमजान गुरुवार से शुरु हो गया। बुधवार शाम चांद के दीदार के साथ ही क्षेत्र में पाक रमजान का आगाज हुआ। चांद नजर आते ही मस्जिदों से ऐलान किया गया और लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।गुरुवार तड़के रोजेदारों ने सहरी कर पहले रोजे की शुरुआत की।क्षेत्र के सुइथाकला, समोधपुर, डीह असरफाबाद, पूरा असालत खां, पूरा सम्भलशाह, जमदरा, हमजापुर तथा बड़े खानपुर समेत आसपास के गांवों में रमजान की आमद को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।

सहरी के समय घरों में रौनक रही। महिलाओं ने सहरी की विशेष तैयारी की और परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर सहरी की। पहले रोजे के दिन सुबह से ही इबादत का सिलसिला शुरु हो गया। लोगों ने फजर की नमाज अदा कर अल्लाह से मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ की। दोपहर में जोहर की नमाज के दौरान मस्जिदों में विशेष रौनक देखने को मिली। रोजेदारों ने कुरआन-ए-पाक की तिलावत की और दिनभर सब्र और परहेजगारी के साथ रोजा रखा।रमजान की तैयारियों को लेकर क्षेत्रीय बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है।

खजूर, फल, सेवईं, बेसन, शरबत और अन्य खाद्य सामग्रियों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी गई। कपड़े और इत्र की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही रही। व्यापारियों ने बताया कि रमजान के पहले दिन से ही बाजारों में रौनक लौट आई है और आने वाले दिनों में खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है। धार्मिक जानकारों के अनुसार रमजान का महीना आत्मशुद्धि, संयम और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है।

इस महीने में रोजेदार पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर सब्र, त्याग और इंसानियत का पाठ सीखते हैं। साथ ही गरीबों, जरुरतमंदों की मदद के लिए जकात और फितरा देने की भी परंपरा निभाई जाती है। रमजान के पहले दिन क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। मस्जिदों से तरावीह की नमाज की तैयारियां भी शुरु हो गई हैं। पूरे महीने क्षेत्र में इबादत, दुआ और नेकियों का सिलसिला जारी रहेगा।








