नोटबंदी के 9 साल बाद 500 के पुराने नोटों के काले कारोबार का खुलासा
# 3.5 करोड़ के नोट जब्त, चार गिरफ्तार
नई दिल्ली।
तहलका 24×7
उत्तरी दिल्ली के वजीरपुर इलाके में पुलिस ने ऐसे अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो नोटबंदी के नौ साल बाद भी बंद हो चुकी करेंसी का अवैध व्यापार चला रहा था।गुप्त सूचना पर की गई इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच की टीम ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों से भरे कई बैग बरामद किए, जिनकी कुल वैल्यू 3.5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

छापेमारी और कार्रवाई के दौरान चार लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया। इनमें तीन आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान हर्ष (22), टेकचंद (39) निवासी रोहिणी सेक्टर-25, लक्ष्य (28) निवासी बृजपुरी, चौथा आरोपी विपिन कुमार (38) हिमाचल प्रदेश के जोगिंदर नगर का रहने वाला है, जो वर्तमान में शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन के पास सर्वेंट क्वार्टर में रहता था। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी इस धंधे में जल्दी पैसा कमाने के लिए शामिल हुए।

ये जानते थे कि ऐसी करेंसी रखना पूरी तरह गैर-कानूनी है।दिल्ली पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे इन पुरानी करेंसी को बहुत कम दामों पर खरीदते थे। खरीदारों को लालच दिया जाता था कि ये नोट अब भी कुछ चैनलों के जरिए या आरबीआई में बदले जा सकते हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं है। इस फर्जीवाड़े के आधार पर ये मामला धोखाधड़ी, साजिश व स्पेसिफाइड बैंक नोट्स एक्ट के उल्लंघन के तहत दर्ज किया गया है।

छापेमारी के दौरान टीम ने कई बैगों को कब्जे में लिया, जिनमें बड़े पैमाने पर अमान्य नोट भरे हुए थे। इसके अलावा आरोपी इन नोटों को ले जाने के लिए जिन दो वाहनों का इस्तेमाल कर रहे थे, उन्हें भी जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि रकम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाई जा रही थी।

इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। सभी आरोपियों से गहराई से पूछताछ की जा रही है, जिससे ये पता लगाया जा सके कि नकली कारोबार की यह खेप किस स्रोत से आई? इसे आगे कहां भेजा जाना था?पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या दिल्ली के अलावा अन्य राज्यों से भी पुरानी करेंसी का कोई कनेक्शन जुड़ा हुआ है?








