बर्ड फ्लू की दस्तक: 4575 मुर्गियां मारी गईं, 7 मार्च तक बंद रहेगा पटना जू
पटना।
तहलका 24×7
राजधानी में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है।पटना के पीसी कॉलोनी कंकड़बाग स्थित जू-सेक्टर पार्क और पटना उच्च न्यायालय परिसर में कौओं और मुर्गियों की अचानक मौत के बाद जांच कराई गई थी। मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित लैब से रिपोर्ट आने पर बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई,जिसके बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाके के एक किलोमीटर दायरे को संक्रमित घोषित कर दिया है।

संक्रमण की रोकथाम के लिए एहतियातन 4575 मुर्गियों को मार दिया गया है।इसके साथ ही 9662 अंडे और करीब 530 किलो दाना नष्ट कर दिया गया।पूरे इलाके में दवा का छिड़काव कराया गया है और लोगों से सतर्क रहने व अफवाहों से बचने की अपील की गई है।बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद संजय गांधी जैविक उद्यान प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरु कर दी है। जू परिसर से पानी,मिट्टी,ब्लड और अन्य नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे गए थे।रिपोर्ट आने तक जू में निगरानी बढ़ा दी गई है।

पक्षी वार्ड को सैनिटाइज किया जा रहा है और डॉक्टरों की विशेष टीम पक्षियों की सेहत पर नजर रखे हुए है। एहतियातन जू को 7 मार्च तक बंद कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बर्ड फ्लू संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से इंसानों में फैल सकता है।यदि कोई व्यक्ति बीमार पक्षी को छूता है या उनकी लार, नाक के स्राव अथवा मल के संपर्क में आता है तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।संक्रमित पक्षियों के पंख फड़फड़ाने या छींकने से वायरस के महीन कण हवा में फैल सकते हैं,जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति में तेज बुखार,खांसी,गले में खराश,मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी तरह के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मृत पक्षियों को हाथ न लगाएं और इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।फिलहाल स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।







