मणिकर्णिका घाट मूर्ति विवाद पर कांग्रेस का प्रदर्शन, राघवेंद्र चौबे समेत दर्जनों कार्यकर्ता हिरासत में
वाराणसी।
तहलका 24×7
मणिकर्णिका घाट पर कथित रूप से धार्मिक मूर्तियों को तोड़े जाने के आरोपों को लेकर वाराणसी की राजनीति गरमा गई है।विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चंदौली से अचानक वाराणसी पहुंचे। उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

हालांकि मणिकर्णिका घाट के निरीक्षण का प्रस्तावित कार्यक्रम बाद में रद्द कर दिया गया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता की। इधर, कांग्रेस पार्टी ने मणिकर्णिका घाट से हटाई गई मूर्तियों के वास्तविक स्वरूप को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर गुरुधाम चौराहे से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) परिसर तक निरीक्षण के लिए जाने का ऐलान किया था। कांग्रेस के इस कार्यक्रम की सूचना मिलते ही प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया।

गुरुधाम चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ता भेलूपुर क्षेत्र स्थित कुरुक्षेत्र कुंड पर एकत्रित हुए ही थे कि भेलूपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर भेलूपुर थाने भेज दिया।हिरासत के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।“जब-जब योगी डरता है, पुलिस को आगे करता है”जैसे नारों से कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर हुई कथित तोड़फोड़ के सवालों से बचने के लिए सरकार लोकतांत्रिक विरोध को दबा रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन कार्रवाई की गई। फिलहाल हिरासत में लिए गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को थाने में रखा गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मणिकर्णिका घाट मूर्ति विवाद को लेकर आने वाले दिनों में वाराणसी की राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।








