मनचाहे स्कूलों में नामांकन कराना अभिभावकों के लिए टेढ़ी खीर
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
वर्तमान शिक्षण सत्र में मनचाहे स्कूलों में अपने बच्चों का नामांकन कराना अभिभावकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।कारण कोई और नहीं बल्कि बच्चों का स्थानांतरण प्रमाणपत्र है। स्कूलों में संख्या बल प्रभावित न हो इसके लिए बच्चों और अभिभावकों की मांग पर विद्यालय प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहे हैं। जिसके चलते बच्चों के नामांकन को लेकर अभिभावक परेशान हो रहे हैं।

बता दें कि वर्तमान में शासन प्रशासन द्वारा जारी कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को विलय करने की चिंता स्कूल संचालकों को सता रही है। बेसिक से लेकर माध्यमिक स्कूलों तक छात्र संख्या बनाए रखने में खींचातानी चल रही है। बेसिक स्कूलों में जहां स्कूलों के कायाकल्प से लेकर डीबीटी आदि का प्रलोभन देकर अभिभावक और बच्चों को अपने यहां खींचने का कार्य किया जा रहा है, वहीं माध्यमिक स्कूल भी बच्चों के खींच-तान में पीछे नहीं है।

वर्तमान में माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 व 11में नामांकन और रजिस्ट्रेशन का कार्य जोरों पर है।जिसके लिए स्थानांतरण प्रमाण पत्र भी आवश्यक हो गया है। बहुधा स्कूल संचालकों द्वारा अप्रैल माह में ही जन सम्पर्क के दौरान मूल स्कूलों पर सम्पर्क कर अभिभावकों से उक्त प्रमाण पत्र को हथिया लिया गया। जबकि बच्चों द्वारा मनचाहे स्कूलों में प्रवेश लेने की मंशा पर अभिभावकों द्वारा मांग करने पर भी स्कूल संचालक प्रमाण पत्र वापस नहीं कर रहे। ऐसे में मनचाहे स्कूलों में बच्चों का नामांकन अभिभावकों के टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।

कमोवेश यही हाल बेसिक शिक्षा के स्कूलों में भी है।जिस परिसर में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्कूल हैं, वहां भी पांचवी पास का स्थानांतरण प्रमाणपत्र पाना अभिभावकों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।पांचवी के बाद बच्चे का अन्यत्र नामांकन कराना मुश्किल हो गया है। बहरहाल माध्यमिक स्कूलों में नामांकन व रजिस्ट्रेशन क्रमशः 5 व 16 अगस्त अंतिम तिथि होने के कारण बच्चों को लेकर अभिभावकों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं।








