मृतका का आखिरी काल बना आरोपियों के लिए अभयदान
# फोन काल के जरिए असली मुलजिम तक पहुंची पुलिस, क्षेत्राधिकारी के गम्भीर प्रयास से पीड़ितों को मिला न्याय
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7
विगत 27अप्रैल को क्षेत्र के अशोकपुर खुर्द गांव में 26 वर्षीया विवाहिता द्वारा साड़ी के फंदे से आत्महत्या किए जाने के मामले में दहेज हत्या के आधे दर्जन आरोपियों के लिए मृतका का आखिरी काल अभयदान बन गया। क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान के दिशा निर्देश में हुई विवेचना के दौरान असली मुलजिम तक पुलिस जा पहुंची। जिसे लेकर इन दिनों सीओ आरोपितों समेत अन्य की नजर में हीरो बन गए हैं।

गौरतलब हो कि उक्त गांव निवासी दीपक हरिजन की पत्नी सपना (26) की लाश उसके कमरे में 27 अप्रैल को लटकी हुई मिली थी। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मृतका के पिता सुभाष की तहरीर पर विगत 10 मई को पुलिस ने आरोपित पति दीपक समेत दृष्टि हीन सास प्रमिला व मौसेरी सास और ननद पूजा, ज्योति, भारती के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न और मुकदमा दर्ज कर मामले में छानबीन कर रही थी। मौका-ए-वारदात पर मृतका के कान में मिला ईयरफोन पर जब पुलिस छानबीन में आगे बढ़ी तो मामला कुछ और निकला।

इस बाबत क्षेत्राधिकारी शाहगंज से बात की गई तो उन्होंने मृतका के आखिरी काल को पर्दाफाश का जरिया बताया।बहरहाल उक्त काल आरोपियों के लिए अभयदान बन गया और असली गुनहगार के रुप में सुल्तानपुर जनपद के अखण्डनगर थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव निवासी अनुराग पुत्र जैराम तक पुलिस जा पहुंची और शनिवार को वह क्षेत्र के गुडबड़ी के पास प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह और उप निरीक्षक रितेश कुमार द्विवेदी के हत्थे चढ़ गया।

आत्महत्या से पूर्व मृतका द्वारा इंस्टाग्राम पर लाइव होकर युवक से बात करना बताया जा रहा है। जब कुंडली निकाली गई तो दोनों लगातार एक दूसरे के सम्पर्क में रहकर बातचीत करते रहते थे। युवक अखण्डनगर क्षेत्र स्थित एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था। फिलहाल मामले में बतौर विवेचक पुलिस उपाधीक्षक श्री सिंह लोगों के नजर में हीरो बन गए हैं।








