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Friday, February 13, 2026

मृत पिता फाइलों में सात साल तक रहा जिंदा, उठती रही पेंशन

मृत पिता फाइलों में सात साल तक रहा जिंदा, उठती रही पेंशन

लखनऊ।
तहलका 24×7 
               विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग से सेवानिवृत्त एक कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके परिजनों द्वारा सात साल तक फर्जी तरीके से पेंशन हड़पने का मामला सामने आया है।मृतक के बेटे और पोतों ने कथित तौर पर अनपढ़ रिश्तेदार को विभाग के सामने पेश करके फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराया और 2017 से 2023 तक पेंशन का लाभ उठाया।कैसरबाग इंस्पेक्टर अंजनी मिश्रा ने बताया कि मृतक के भतीजे की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सात साल में कुल कितनी राशि का गबन किया गया। क्या इस खेल में विभाग का भी कोई कर्मचारी शामिल था। इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा मृतक के भतीजे की शिकायत और आरटीआई से मिली जानकारी के बाद हुई। इसके आधार पर अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।बक्शी का तालाब निवासी आयुष कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके ताऊ पुतीलाल साल 2002 में रिटायर हुए थे। 23 दिसंबर 2017 को उनकी मृत्यु हो गई थी।
आरोप है कि पुतीलाल के बेटे रामबहादुर और उनके तीन बेटों अभिषेक, विवेक और विशाल ने आर्थिक लाभ के लिए षड्यंत्र रचा और ताऊ को साल 2023 तक जीवित दर्शाकर पेंशन उठाते रहे।धोखाधड़ी की हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने अपने एक अन्य अनपढ़ ताऊ चुन्नीलाल को पुतीलाल बनाकर विभाग के सामने पेश कर दिया। आरोपियों ने चुन्नीलाल से फर्जी अंगूठा लगवाकर पेंशन का भुगतान जारी रखा। जब चुन्नीलाल को इस जालसाजी का पता चला तो उन्होंने खुद विभाग को शपथ पत्र देकर पूरी सच्चाई उजागर की।
पेंशन विभाग की जांच में कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए।आरोपियों ने पुतीलाल की मृत्यु की तीन अलग अलग तिथियां दिखाईं हैं। धोखाधड़ी छिपाने के लिए एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किया गया, जिसमें मृत्यु की तारीख 3 जनवरी 2023 दिखाई गई। जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो पता चला कि वह प्रमाण पत्र सरकारी पोर्टल पर मौजूद ही नहीं है। उस पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं।

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