सेंट थॉमस चौराहे का नहीं है कोई सुध लेने वाला, बच्चों की ज़िंदगी खतरे में, प्रशासन बना मूकदर्शक
शाहगंज, जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
तहसील मुख्यालय से महज कुछ कदम दूर सेंट थॉमस चौराहा आज भी लापरवाही और उपेक्षा का शिकार है। इस चौराहे से रोजाना हजारों स्कूली बच्चे गुजरते हैं, लेकिन अफसोस कि उनकी सुरक्षा के लिए न तो स्पीड ब्रेकर है, न ही कोई ट्रैफिक व्यवस्था। जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि अब तक आंख मूंदे बैठे हैं।
लोगों का कहना है कि इस चौराहे पर अतीत में कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें जानमाल का नुकसान भी हुआ है।

बावजूद इसके, प्रशासन हर बार मौन साधे रहता है। क्षेत्रीय लोग बार-बार स्पीड ब्रेकर और गोला निर्माण की मांग उठाते रहे, लेकिन मांगें आज तक फाइलों और आश्वासनों के ढेर में दबकर रह गईं। सबसे चिंताजनक यह है कि चौराहे के चारों ओर प्राइमरी पाठशाला, पूर्वांचल शिक्षा निकेतन, मिडिल स्कूल, राजकीय महिला महाविद्यालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और सेंट थॉमस इंटर कॉलेज जैसे बड़े शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं।

यानी देश का भविष्य रोजाना इस खतरनाक रास्ते से गुजरने को मजबूर है।लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए, तो किसी दिन बड़ा हादसा होगा, जिसमें मासूम जिदगियां कुचल जाएंगी। सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहे हैं?








