अली हसन ख़ान की बरसी पर मजलिस का आयोजन
# मौलाना मिर्ज़ा यासूब अब्बास ने किया ख़िताब
शाहगंज, जौनपुर।
एखलाक खान
तहलका 24×7
रविवार को भादी खास मोहल्ला के रियासत मंज़िल पर रियासत हुसैन मरहूम की ओर से अली हसन ख़ान की बरसी के अवसर पर मजलिसे बरसी का आयोजन किया गया। इस मौके पर लखनऊ से आए प्रख्यात शिया धर्मगुरु मौलाना मिर्ज़ा यासूब अब्बास साहब ने मजलिस को खिताब किया।

मजलिस की शुरुआत पवित्र कुरआन की तिलावत से हुई। इसके बाद इश्तियाक हुसैन ने मार्मिक मरसिया पेश किया, जिसे श्रोताओं ने गहरी भावनाओं के साथ सुना। शायर माएल चन्दौलवी, शमीम हुमायूपुरी और खुशनूद भादवी ने अपने कलाम से मजलिस को रौशन किया। कार्यक्रम का संचालन हुसैन अब्बास भादवी ने किया। अपने संबोधन में मौलाना यासूब अब्बास ने इंसानियत, गंगा-जमुनी तहज़ीब और इमाम हुसैन (अ.स.) के पैग़ाम पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने इंसाफ़, इंसानियत और हक के लिए कुर्बानी दी। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर अम्नो-अमान के पैग़ाम को अपनाना चाहिए।

जब मौलाना ने कर्बला में इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों पर हुए अत्याचार का वर्णन किया, तो मजलिस में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। माहौल गमगीन हो गया, सभी ने बीबी फातिमा ज़हरा को उनके लाल का पुरसा पेश किया। नौहा सैफ नवाब जौनपुरी ने पढ़ा। इस अवसर पर मौलाना शौकत अली, नेहाल असगर, कासिम अब्बास, सैय्यद हसन, मोफ़ीद ख़ान सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।








