मां की तेरहवीं के दिन उठी बेटे की अर्थी, पसरा सन्नाटा
सुइथाकला, जौनपुर।
राजेश चौबे
तहलका 24×7. क्षेत्र के रामनगर गांव में एक कन्नोजिया परिवार में उस समय सन्नाटा और अधिक पसर गया, जब मां की तेरहवीं के दिन ही घर से जवान बेटे की अर्थी निकली। दर्दनाक घटना पर सभी स्तब्ध रह गए।उक्त गांव निवासी चन्द्रबली रजक की पत्नी कलावती की मौत हो गई थी।समूचा परिवार शनिवार को होने वाली तेरहवीं कार्यक्रम की तैयारी में लगा हुआ था, इसी बीच शुक्रवार को मृतका के बड़े बेटे ओमप्रकाश की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

आनन फानन में उसे शाहगंज स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक द्वारा हृदयाघात होना बताते हुए जिला मुख्यालय ले जाने का सुझाव दिया। परिजन उसे जौनपुर ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा था। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही पहले से ही शोक में डूबे परिवार में कोहराम मच गया, वहीं समूचे गांव में सन्नाटा पसर गया।मृतक अपने माता-पिता की तीन संतानों में सबसे बड़ा था, जबकि एक भाई की पहले ही मौत हो चुकी है।

तीसरा भाई विजय प्रकाश रोजी रोटी के सिलसिले में दिल्ली रहता है।इस दर्दनाक मौत ने जहां दो बेटों के सिर से पिता का साया छीन लिया, वहीं सुहाग उजड़ जाने से पत्नी बदहवासी की हालत में हो गई। हालत यह हो गई कि संवेदना के दो शब्द भी किसी के मुंह से फूट नहीं पा रहे। चारो तरफ सन्नाटा पसर गया। फिलहाल परिजनों द्वारा तेरहवीं कार्यक्रम रोककर मृतक को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। मां की तेरहवीं के दिन बेटे की अर्थी उठने से मानों परिवार पर दुखों का पहाड़ सा गिर गया, लोग स्तब्ध रह गए।








