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Sunday, January 18, 2026

हार्वर्ड में नहीं चीन की यूनिवर्सिटी में होती अच्छी पढ़ाई        

हार्वर्ड में नहीं चीन की यूनिवर्सिटी में होती अच्छी पढ़ाई

# भारतीय विश्वविद्यालयों की स्थिति बेहद खराब

नई दिल्ली। 
तहलका 24×7 
               भारत में उच्च शिक्षा का स्तर तेजी से विकसित तो हो रहा है। लेकिन, दुनिया के मुकाबले ये साइंस और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई के मामले में काफी पीछे है। सीडब्ल्यूटीएस लीडेन की विज्ञान श्रेणी में जारी ताजा रैंकिंग में भारत की यूनिवर्सिटी और कॉलेज टॉप-250 में भी नहीं हैं। वहीं पड़ोसी देश चीन इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। यहां तक कि चीन ने दुनिया की जानी-मानी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को भी पीछे कर दिया है।हार्वर्ड यूनिवर्सिटी लिस्ट में तीसरे पायदान पर है।
चीन में शिक्षा किस लेवल की है इस बात का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि लिस्ट में टॉप-10 में से 8 यूनिवर्सिटी यहीं की हैं।भारत का पहला संस्थान जो लिस्ट में है वो वेल्लोर प्रौद्योगिकी संस्थान है, जिसे 270वीं रैंक मिली है। हालांकि, देश में बड़े पैमाने पर विस्तार और सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन पहुंच, गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के मामलों में अभी भी बहुत सुधार की गुंजाइश है।
सीडब्ल्यूटीएस लीडेन रैंकिंग 2025 में प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय विज्ञान श्रेणी में तीसरे स्थान पर खिसक गया है। पहला और दूसरा स्थान चीन के झेजियांग और शंघाई जियाओ टोंग विश्वविद्यालयों ने हासिल किया है। तीसरे स्थान को छोड़कर, शीर्ष नौ स्थानों पर चीनी विश्वविद्यालयों का दबदबा है। टॉप 10 में 8 चीनी विश्वविद्यालय शामिल हैं।सीडब्ल्यूटीएस लीडेन दुनिया भर के 1,500 से अधिक विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक प्रदर्शन के आधार पर उनकी रैंकिंग जारी करता है।
यह एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो नीदरलैंड्स के लीडेन विश्वविद्यालय से गवर्न होता है। यहां स्थित विज्ञान और प्रौद्योगिकी अध्ययन केंद्र (सीडब्ल्यूटीएस) से रैंकिंग तैयार की जाती है। लीडेन ट्रेडिशनल एडिशन वेब ऑफ साइंस डेटाबेस के डेटा पर रैंकिंग तैयार करता है।सीडब्ल्यूटीएस लीडेन की पहली रैंकिंग 2006-2009 की अवधि के लिए प्रकाशित की गई थी। इसमें अमेरिका के विश्वविद्यालयों का दबदबा रहा। हार्वर्ड विश्वविद्यालय शीर्ष पर था। दूसरा स्थान टोरंटो विश्वविद्यालय और तीसरा मिशिगन विश्वविद्यालय को मिला था।
अमेरिका के 6 विश्वविद्यालय जो 2006-2009 की लिस्ट में टॉप 10 में शामिल थे, ताजा रैंकिंग में वे टॉप 15 की सूची में नहीं हैं। इन विश्वविद्यालयों में मिशिगन विश्वविद्यालय, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय लॉस एंजिल्स, जॉन्स हॉपकिंस, वाशिंगटन विश्वविद्यालय-सिएटल, पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय शामिल हैं। हार्वर्ड विश्वविद्यालय को पहली बार 2019-2022 की रैंकिंग में चीन के झेजियांग विश्वविद्यालय ने पीछे छोड़ा था। हार्वर्ड को दूसरे नंबर पर धकेलकर झेजियांग यूनिवर्सिटी पहले पायदान पर पहुंची थी।
2020-2023 की अवधि के लिए अगली रैंकिंग में हार्वर्ड फिर से तीसरे स्थान पर खिसक गया। हार्वर्ड विश्वविद्यालय 2021 तक शीर्ष पर रहा। भारत के विश्वविद्यालयों में VIT शीर्ष स्थान पर है। इसे 270वीं रैंक मिली है। आईआईटी खड़गपुर दूसरे स्थान पर 291वीं रैंक के साथ है। इसके बाद आईआईटी दिल्ली (297), आईआईटी बॉम्बे (326) और आईआईटी मद्रास (328) का स्थान आता है।
भारत के शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग खराब होने के प्रमुख कारण, कम अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध-अनुसंधान और प्रकाशन में कमी, खराब बुनियादी ढांचा, छात्रों के मुकाबले शिक्षकों की कमी, अंतरराष्ट्रीय छात्रों का कम आना, राजनीतिकरण और उद्योग आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा का न होना शामिल है। हालांकि कुछ संस्थानों में सुधार हो रहा है, लेकिन ताजा स्थिति में रैंकिंग काफी नीचे है।

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