आईएएस व आईपीएस समेत 12 आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी, डेढ़ वर्ष पूर्व होटल में की थी मारपीट
अजमेर।
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अजमेर की कोर्ट ने आईएएस गिरधर कुमार और आईपीएस सुशील बिश्नोई, तहसीलदार, पुलिसकर्मी और पटवारी समेत 12 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इन पर जयपुर रोड स्थित मकराना राज होटल में रात को सो रहे कर्मचारियों को डंडों और रॉड से पीटने का आरोप है। कोर्ट ने गेगल थाने की ओर से लगाई गई एफआर को ही नामंजूर कर दिया। साथ ही एसपी को निर्देश दिया कि आरोपियों को वारंट तामील करवाएं।

साथ ही कोर्ट ने केस डायरी भी तलब की है। केस से जुड़ी रिपोर्ट भी पेश करने के निर्देश एसपी को दिए हैं।
मामला 11 जून 2023 की रात 2 बजे के करीब का है। मारपीट का सीसीटीवी फुटेज होटल मालिक ने एफआईआर के साथ पुलिस को दिया था। अजमेर की सिविल कोर्ट संख्या प्रथम ने मकराना राज होटल में हुई मारपीट प्रकरण में गेगल थाने की ओर से लगाई गई एफआर को नामंजूर कर दिया। कोर्ट ने प्रकरण में संज्ञान लेते हुए मामले से संबंधित सभी 12 आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी करते हुए अजमेर एसपी को मुकदमे से संबंधित रिपोर्ट सोमवार को पेश करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने आदेश में कहा है कि पुलिस जांच में आरोपियों ने सहयोग नहीं किया। लिहाजा मामले में हस्तक्षेप किया जाना न्यायोचित और न्यायसंगत लगता है।बता दें कि प्रकरण में आईएएस और आईपीएस के शामिल होने के बाद भी स्थानीय प्रशासन ने राज्य सरकार को मामले के बारे में नहीं बताया। बाद में तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी ऊषा शर्मा की नाराजगी के बाद आईएएस गिरधर और आईपीएस सुशील विश्नोई को सस्पेंड किया गया था। वहीं सीसीटीवी फुटेज में मारपीट कर रहे अधिकारी व कार्मिकों की पुष्टि होने के बाद भी तत्कालीन एसपी ने केवल एएसआई सहित तीन पुलिसकर्मियों को ही लाइन हाजिर किया था।
















