कानपुर हादसा से आहत योगी पहुंचे पीड़ित परिवारों के पास
# तय कार्यक्रमों को किया रद्द, पीड़ित परिजनों को दी सांत्वना, बंधाया ढ़ाढस
कानपुर। आर एस वर्मा तहलका 24×7 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कानपुर के कोरथा गांव में पीड़ितों का दुख दर्द बांटने पहुंचे। एक दिन पहले सड़क हादसे में 26 को खोने से आहत परिजनों के क्रंदन और आंसुओं से द्रवित योगी ने एक अभिभावक की तरह उनका दुख-दर्द बांटा। मुख्यमंत्री ने अपने जरूरी कार्यक्रम रद्द कर पीड़ितों के बीच अधिक समय बिताया। उन्हें ढांढस बंधाते हुए अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।
कोरथा गांव के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से शनिवार को बच्चे का मुंडन कराने चंद्रिका देवी गये थे। रात में लौटते वक्त हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें अधिकांश बच्चे और महिलाएं शामिल थीं। घटना की जानकारी पर मुख्यमंत्री ने तत्काल राहत कार्य की निगरानी की कमान हाथ में लेकर पल-पल की जानकारी ली। सीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50-50 हजार की सहायता राशि देने का एलान किया।
उन्होंने आनन-फानन दो बड़े मंत्रियों को तत्काल मौके पर जाने के निर्देश दिए तो दूसरी तरफ अस्पताल में घायल लोगों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने को कहा। रविवार को सीएम योगी खुद कोरथा गांव पहुंचे तो वहां का माहौल देखकर गमगीन हो गए। पीड़ितों की दशा देखकर मुख्यमंत्री ने उन्हें सांत्वना दी और कहा कि आपने जिन्हें खो दिया उन्हें वापस तो नहीं ला सकते हैं, लेकिन सरकार सदैव आपके साथ खड़ी है।
इससे पहले सीएम रविवार दोपहर एक बजे हैलट अस्पताल पहुंचकर घायलों और परिजनों से हाल लिया। करीब 20 मिनट तक एक बेटे, एक पिता और एक अभिभावक का फर्ज निभाते हुए लोगों के दर्द को बांटा। मुख्यमंत्री ने गांव में 10 परिवारों से मुलाकात की। खुद एक-एक परिवार से बात की और जानकारी ली। इस दौरान योगी के चेहरे पर उदासी और आंखें नम थीं।
गांव में महिलाओं से पूछा कि क्या बच्ची को स्कूल भेजती हैं। इस पर महिला ने मना कर दिया तो सीएम ने कहा कि बिटिया को रोज स्कूल भेजो। सीएम ने अधिकारियों को सभी बच्चियों को कन्या सुमंगला योजना से लाभांवित करने को कहा।